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विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योग व संगीत की अहम भूमिका - रमेश शर्मा *बालिका आदर्श स्कूल मे चल रहे स्वर साध

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योग व संगीत की अहम भूमिका - रमेश शर्मा

*बालिका आदर्श स्कूल मे चल रहे स्वर साधना शिविर में साधक सीख रहे हैं योग व संगीत की विधाएं*
( रिपोर्ट :- राजेन्द्र कुमार )
छबड़ा - मदन लाल भवानी शंकर गुप्त बालिका आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय परिसर में विद्या भारती के तत्वावधान में चल रहे जिला स्तरीय तीन दिवसीय स्वर साधना शिविर में साधक योग व संगीत की विभिन्न विधाओं की जानकारी प्राप्त रहे हैं।विद्या मंदिर की प्रधानाचार्य मनोरमा शर्मा एवं अमृत लाल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि संगीत वर्ग में विद्या भारती द्वारा जिले में संचालित आदर्श विद्या मंदिर एवं स्वामी विवेकानंद विद्या निकेतन विद्यालयों के संगीत प्रमुख आचार्य दीदी एवं वंदना कराने वाले चयनित छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं।तीन दिनों चलने वाले स्वर साधना शिविर मे योग व रागो की विभिन्न विधाओं की जानकारी विशेषज्ञ द्वारा दी जा रही है। तथा तबला,ढपली,हारमोनियम पर वंदना व देशभक्ति गीतों का अभ्यास रमेश चंद्र शर्मा संगीत प्रमुख विद्या भारती राजस्थान द्वारा कराया जा रहा है द्वितीय दिवस के अभ्यास सत्र में संगीत प्रमुख शर्मा ने संगीत विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र देश धर्म और समाज का रक्षक है छात्र के सर्वांगीण विकास में योग व संगीत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।ब्रह्मांड की आत्मा ब्रह्मनाद संगीत का आधार रहा है।संगीत एक कला है,एक साधना है।अनादि काल से ही संगीत मानव के आत्मिक बल आनंद अनुभूतियों की अभिव्यक्ति का माध्यम रहा है।इस कला के माध्यम से साधक स्वर के साथ अभ्यास से अनेक शक्तियों को प्राप्त कर सकता है।संगीत की साधना से एकाग्रता का अभ्यास भी होता है। जिला सचिव शर्मा ने कहा कि संगीत जीवन का रस है इसमें जीवन के तार झंकृत हो जाते हैं।सभी कलाओं में संगीत कलाकार अपना महत्वपूर्ण स्थान है।संगीत के सुर सागर में मानव असीम आनंद की अनुभूति प्राप्त होती है।वर्तमान के तनाव भरे दौर में तन मन के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए संगीत अत्यंत लाभदायक है।विद्या भारती के जिला सह संगीत प्रमुख राजेंद्र रावल ने भोपाली यमन बिलावल भैरवी मेघमल्हार आदि रोगों की जानकारी देकर साधकों को स्वर साधना का अभ्यास करवाया।

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