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*मिट्टी धोने वाले डम्पर, बालू गिट्टी वाली ट्राली, ओवरलोड वाहन, अवैध ट्रांसपोर्ट नगर और नो एंट्री में आने वाले वाहनो पर व

*मिट्टी धोने वाले डम्पर, बालू गिट्टी वाली ट्राली, ओवरलोड वाहन, अवैध ट्रांसपोर्ट नगर और नो एंट्री में आने वाले वाहनो पर विभाग मौन क्यों*

*यातायात विभाग की लापरवाही से है स्कूल जाने वाले नौनिहालों की जान को खतरा*




गोरखपुर। एक तरफ बढ़ती मंगाई तो ऊपर से चालान का तड़का आम जनता पर कहर बन कर टूट रहा है। बावजूद इसके शहर की सड़कों पर चलना अब भी मुहाल है। करोड़ों रुपये खर्च हो जाने और
दर्जन भर ट्रैफिक सिंग्नल बढ़ जाने के बाद भी शहर में जाम की स्थिति से छुटकारा नही मिल पाया है।
जहां एक तरफ यातायात विभाग आम आदमी का चालान करने कर तुला है वही मिट्टी धोने वाले डम्पर, बालू गिट्टी वाली ट्राली, ओवरलोड वाहन, अवैध ट्रांसपोर्ट नगर और नो एंट्री में तेज रफ्तार ट्रकों की ओर आंखे बंद किये हुए है जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
बुधवार को शाहपुर थाना क्षेत्र फेज 3 पत्रकारपुरम निवासी रोडवेज कर्मचारी रंजीत सिंह के सुपुत्र 18 वर्षीय अमर सिंह घर से निकल कर दूध लेने जा रहा था । राप्तीनगर फेज फोर स्थित चेतना तिराहे पर सुबह मिट्टी लदे डंपर ने एक स्कूटी यूपी 53 डी के 7122 पर सवार अमर सिंह को रौंद दिया। जिससे स्कूटी सवार की मौके पर ही मौत हो गई।
रोज़ सुबह शहर की सड़कों का मंजर बहुत ही डरावना होता है जब लोग अपने बच्चो को स्कूल छोड़ने जाते हैं तो जब तेज़ रफ़्तार ट्रैक्टर ट्राली और डम्फर बगल से गुजरने हैं तो कलेजा मुह को आ जाता है।
आखिर हर नुक्कड़ और चौराहे पर मौजूद रहने वाली यातायात पुलिस की सक्रियता के बावजूद नो एंट्री में भारी वाहन, ओवरलोड वाहन और ट्रैक्टर ट्राली व डम्फर सड़कों पर कैसे बेखौफ फर्राटा भरते नज़र आते हैं ये एक बड़ा सवाल है ।
प्रतिदिन चालान की संख्या बताने वाला यातायात विभाग आखिर इन वाहनों के खिलाफ कहाँ कहाँ क्या कार्यवाही हुई और कितने भारी वाहन सीज किये गए ये क्यों नही बताता।

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