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Sushant के असमय चले जाने के सदमे में भाभी की मौत

पटना। फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को 48 घंटे से अधिक वक्‍त बीत चुका है, लेकिन इस खबर पर अभी भी विश्‍वास करना कठिन है। सुशांत के प्रशंसकों के लिए तो यह गहरा झटका है हीए परिवार के लिए यह बहुत गहरा सदमा है। परिवार का कहना है कि सुशांत की डेथ की खबर का गम उनकी चचेरी भाभी सहन न कर सकी और सोमवार शाम बदहवासी की हालत में उन्‍होंने भी दम तोड़ दिया। 

सुशांत के परिजनों के लिए यह दूसरा बड़ा सदमा है। परिजनों का कहना है कि सुशांत सिंह राजपूत की डेथ का सदमा उनकी चचेरी भाभी सुधा देवी बर्दाश्त नहीं कर पायीं। इस सदमे में सोमवार की दोपहर में उनकी भी डेथ हो गई। सुशांत की डेथ की खबर मिलते ही रविवार से उन्होंने खाना-पीना त्याग दिया था। वह सुशांत सिंह के चचेरे भाई अमरेंद सिंह की पत्नी थीं। परिजनों ने बताया कि, ‘बीते कुछ टाइम से वह बीमार चल रही थीं। रविवार को जैसे ही सुशांत  की डेथ की खबर मिली। उसके बाद से वह बार-बार अचेत हो जाती थीं। सोमवार शाम करीब पांच बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

गौरतलब है कि रविवार को सुशांत सिंह राजपूत का शव मुंबई के बांद्रा स्थित उनके फ्लैट में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। इसके बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गयी है। बिहार के पूर्णिया स्थित उनके पैतृक गांव मलडीहा तथा पटना के राजीव नजर इलाके में लोगों को उनके असमय चले जाने के गम में रोते हुए भी देखा जा रहा है। इन दोनों स्थानों से सुशांत के बचपन की यादें जुड़ीं हैं। उनके खगडि़या स्थित ननिहाल में भी मातम का माहौल है।

सुशांत की मौत की खबर मिलने के बाद पूर्णिया के पैतृक गांव में चचेरी भाभी सुधा देवी भी अवाक रह गयीं। खबर सुनकर बीते कुछ समय से बीमार चल रहीं सुधा देवी की हालत अत्यधिक बिगड़ गयी। सदमे में वे बार-बार बेहोश होने लगीं। स्‍वजनों ने उन्हें ढांढ़स बंधाने की कोशिश की तथा डॉक्टर को भी दिखाया, लेकिन उनपर कोई असर नहीं पड़ा। होश में आते ही वे सुशांत के बारे में पूछतीं कि वह ठीक है कि नहीं। फिर, घर पर जब लोगों की भीड़ देखतीं तो बेहोश हो जातीं थीं।

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