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नासिक में अनलॉक-1 के दौरान प्रतिबंधों में मिली ढील से कोरोना का जोखिम बढ़ा

नासिक। लॉकडाउन के पांचवें चरण के बाद लागू अनलॉक-1 प्रतिबंधों में ढील दी गयी है।  इसलिए, लॉकडाउन लागू होने के ढाई माह के बाद, शहर के सभी बाजारों में दुकानें खोली गयीं हैं।  यद्यपि, जैसे ही दुकानें खुलीं, बाजारों में नागरिकों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसने सामाजिक दूरी मिटाने का उन्माद पैदा कर दिया। जिला कलेक्टर सूरज मांढरे ने कहा है कि यह भीड़ कोरोना के जोखिम को बढ़ाने की आशंका से इंकार नहीं करती है।  इसलिए, अगले दो दिनों में इस मामले पर पुनर्विचार किया जायेगा। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है तो सभी प्रतिबंध पुनः लागू कर दिये जायेंगे।’

कोरोनावायरस महामारी के चलते केंद्र सरकार द्वारा लगाया गया लॉकडाउन से पिछले ढाई माह में सभी बाजारों को गतिरोध में ले आया था।  यद्यपि, लॉकडाउन के पांचवें चरण में अनलॉक-1 शुरू करने के दौरान सरकार ने दुकानों को शर्त पर खोलने की अनुमति दी।  सरकार ने निर्देश दिया कि दुकानों को खोलने का समय सम विषम तिथि के फार्मूले के अनुसार निर्धारित  किया जाना चाहिए।  तदनुसार, नगर आयुक्त की उपस्थिति में नासिक शहर में सभी व्यापार संघों के प्रतिनिधियों की एक बैठक हुई।  इस बैठक में एक दिन सड़क के दाईं ओर दुकानें खोलना शुरू करने का निर्णय लिया गया और अगले दिन विषम तिथि के फार्मूले के अनुसार दुकानों को बाईं ओर से खोलना शुरू किया गया।  यद्यपि, शहर की सभी दुकानें शनिवार को फिर से खुल गयीं।  उसी दिन सभी दुकानें खुलने के साथ, बाजारों में नागरिकों की भीड़ थी।  महात्मा गांधी रोड, वकिलवाड़ी, रविवर करंजा, सराफ बाज़ार, भांडिबाज़ार कपड़ा बाज़ार, डेहिपुल, भद्रकाली, गाडगे महाराज चौक, शालीमार क्षेत्र आदि में नागरिकों की जबर्दस्त भीड़ देखने को मिली।  हालांकि, यह पाया गया कि विषम तिथि के फार्मूले के बारे में नगर निगम द्वारा दिये गये निर्देशों का उल्लंघन किया गया था।

 भीड़ ने सामाजिक अशांति भी पैदा की।  कई दुकानों में लोगों को प्रशासन द्वारा लगायी गयी शर्तों का अनुपालन करने के लिए मनाया गया। यद्यपि कुछ जगहों पर, इन नियमों को भुला दिया गया है।   शहर में कोरोना पीड़ितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, और बाजार खुलने पर बढ़ती भीड़ के कारण शहर में एक कोरोना फैलने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। जिला कलेक्टर सूरज मांढरे ने चेतावनी देते हुए कहा है कि, ‘प्रशासन मामले का अध्ययन कर रहा है और अगर स्थिति में सुधार नहीं होता है तथा अगर व्यापारी नियमों का पालन नहीं करते हैं, सभी पाबंदिया पहले की तरह लागू कर दी जायेंगी अर्थात् लॉकडाउन फिर से लागू कर दिया जायेगा।’

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