इंदौर: पशुपालन में हर ग्राम में लखपति गोपालक दीदी बनेंगी
इंदौर: प्रदेश में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त आधार बनाने के उद्देश्य से कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक वर्णवाल की अध्यक्षता में पशुपालन, डेयरी एवं मछुआ कल्याण विभाग की संयुक्त संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख सचिव पशुपालन श्री उमाकांत उमराव, सचिव मत्स्य पालन श्री स्वतंत्र कुमार सिंह, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा सहित सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में श्री अशोक वर्णवाल ने पशुपालन को ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनाने के निर्देश दिए और प्रत्येक ग्राम में कम से कम एक लखपति गोपालक दीदी तैयार करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को पशुपालन से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया। क्षीरधारा ग्राम योजना, हिरण्यगर्भ नस्ल सुधार अभियान, पशु पोषण जागरूकता, ब्रीडर संघों का गठन तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मछुआ कल्याण एवं मत्स्य पालन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए केज कल्चर को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को समयबद्ध, परिणाममूलक और जनहितकारी कार्य सुनिश्चित करने के लिए कहा गया ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो, रोजगार के अवसर बढ़ें और किसानों व पशुपालकों की आय में वृद्धि हो। गोशालाओं को आधुनिक व आत्मनिर्भर बनाने, दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने तथा मत्स्य पालन को रोजगार का महत्वपूर्ण साधन बनाने पर भी बल दिया गया।