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दिनाँक: 8 जून 2026 दो वर्षों से जर्जर पुलिया बनी हादसों का कारण, गेहूं लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, चालक बाल-बाल बचा।

दिनाँक: 8 जून 2026
दो वर्षों से जर्जर पुलिया बनी हादसों का कारण, गेहूं लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, चालक बाल-बाल बचा
सकलडीहा (चंदौली)। चतुर्भुजपुर-अमावल मार्ग पर वर्षों से जर्जर पड़ी पुलिया एक बार फिर बड़े हादसे का कारण बन गई। सोमवार सुबह गेहूं से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिया के पास अचानक धंसने से पलट गई, जिससे चालक ट्रॉली के नीचे दब गया। ग्रामीणों की तत्परता से उसकी जान बच गई। घटना के बाद क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रति भारी नाराजगी देखी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सैदराजा क्षेत्र के महाराजपुर निवासी सुभाष यादव ट्रैक्टर-ट्रॉली पर किसान नेता अनुप पाठक और राम प्रवेश सिंह का करीब 90 क्विंटल गेहूं लादकर खरीद केंद्र सकलडीहा जा रहे थे। जैसे ही ट्रैक्टर चतुर्भुजपुर-अमावल मार्ग स्थित जर्जर पुलिया पर पहुंचा, पुलिया का हिस्सा बैठने लगा और ट्रैक्टर-ट्रॉली असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गई।
हादसा इतना अचानक हुआ कि चालक सुभाष यादव ट्रॉली के नीचे दब गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। गंभीर चोटें आने के बाद उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के दौरान एक बाइक सवार भी दुर्घटना की चपेट में आकर घायल हो गया। उसे भी प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
ग्रामीणों में आक्रोश, विभाग पर लापरवाही का आरोप
घटना के बाद किसान नेता अनुप पाठक, राम प्रवेश सिंह, बांसदेव यादव समेत अनेक किसानों और ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि चतुर्भुजपुर-अमावल मार्ग की यह पुलिया पिछले दो वर्षों से क्षतिग्रस्त है। विभाग ने केवल चेतावनी बोर्ड लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, लेकिन पुलिया के निर्माण या मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत और मांग के बावजूद विभाग ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। यदि समय रहते पुलिया का निर्माण करा दिया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
इस संबंध में जेई सुदामा यादव ने बताया कि पुलिया निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
बड़े हादसे की चेतावनी
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन भारी वाहनों और कृषि उत्पादों से लदे ट्रैक्टरों का आवागमन होता है। जर्जर पुलिया किसी भी समय और बड़ा हादसा करा सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पुलिया निर्माण शुरू कराने और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
फिलहाल चालक की जान बच जाना राहत की बात है, लेकिन यह घटना एक बार फिर प्रशासन और विभागीय लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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