असम से आने वाले खाद्य उत्पादों पर अस्थायी रोक की मांग, मेघालय के संगठन ने उठाए खाद्य सुरक्षा के सवाल :-
मेघालय के एक संगठन ने राज्य सरकार से असम से आने वाले खाद्य उत्पादों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि कुछ कृषि उत्पादों में कथित रूप से रासायनिक पदार्थों के उपयोग को लेकर गंभीर चिंताएं हैं, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संगठन ने इस संबंध में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को एक पत्र भेजकर राज्य में प्रवेश करने वाले खाद्य उत्पादों की सख्त जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। विशेष रूप से गारो हिल्स क्षेत्र के प्रवेश बिंदुओं और बाजारों में खाद्य सुरक्षा मानकों की निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
संगठन का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और बाजारों में बिकने वाले कृषि उत्पादों की नियमित जांच आवश्यक है। उन्होंने मांग की है कि जब तक सभी उत्पाद निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते, तब तक एहतियाती कदम उठाए जाएं।
हालांकि, इस बीच मेघालय के खाद्य सुरक्षा विभाग ने पहले स्पष्ट किया था कि राज्य के प्रमुख बाजारों से एकत्र किए गए नमूनों की जांच में अब तक किसी प्रकार के कृत्रिम रंग, रासायनिक मिलावट या अन्य खाद्य प्रदूषण के प्रमाण नहीं मिले हैं। विभाग का कहना है कि नियमित रूप से नमूना परीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया जारी है।
इस मुद्दे ने मेघालय और असम के बीच होने वाली खाद्य आपूर्ति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उपभोक्ता संगठनों और नागरिक समूहों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक परीक्षण और पारदर्शी जांच व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में तथ्यों और वैज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो और उपभोक्ताओं का विश्वास बना रहे।
फिलहाल इस मांग को लेकर राज्य में चर्चा जारी है और सभी की नजरें राज्य सरकार की संभावित प्रतिक्रिया तथा खाद्य सुरक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।