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ई- विकास पोर्टल के माध्यम से किसान सुगमता से प्राप्त कर सकते हैं उर्वरक

ई-विकास पोर्टल के माध्यम से किसान सुगमता से प्राप्त कर सकते हैं उर्वरक

वैध फार्मर आईडी होना है अनिवार्य

शासन के निर्देशानुसार जिले में किसानों को उर्वरकों के वितरण हेतु ई-विकास पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी एवं सुगम व्यवस्था लागू की गई है। ई-टोकन प्रणाली के तहत किसान अपने मोबाइल फोन से स्वयं टोकन जारी कर उर्वरक बुक कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, किसान एमपी ऑनलाइन केंद्रों पर निर्धारित शुल्क जमा कर भी ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं।
सिकमी (ठेकेदार/बटाईदार) किसान, जो भूमि स्वामी नहीं हैं, वे संबंधित भू-स्वामी की अनुमति प्राप्त कर एग्री स्टैक पोर्टल के माध्यम से अधिकृत प्रतिनिधि किसान के रूप में पंजीयन कर ई-टोकन बुक कर सकते हैं। इसी प्रकार वन पट्टाधारी किसान भी संबंधित एसडीएम द्वारा सत्यापन उपरांत ई-विकास पोर्टल के माध्यम से उर्वरक बुकिंग की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
मृतक, शारीरिक रूप से दिव्यांग एवं वृद्ध किसानों के लिए भी ई-विकास प्रणाली में विशेष प्रावधान किए गए हैं। संयुक्त खाताधारी कृषकों के मामलों में, जहां किसी एक सदस्य का आधार आधारित ओटीपी सत्यापन संभव नहीं हो पाता क्योंकि वह अन्य शहर अथवा विदेश में निवासरत है, ऐसे किसानों के लिए ई-विकास पोर्टल पर किसी एक सदस्य को नामांकित करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
ई-टोकन जारी कराने हेतु किसानों का एग्री स्टैक पोर्टल पर आधार नंबर के माध्यम से पंजीयन होना आवश्यक है। साथ ही फार्मर आईडी पर भूमि का रकबा, खसरा एवं फसल संबंधी जानकारी अद्यतन होना अनिवार्य है। पंजीयन प्रक्रिया आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से पूर्ण की जाती है, इसलिए मोबाइल नंबर का आधार से लिंक होना आवश्यक है।
ई-टोकन प्राप्त करने के लिए किसान को ई-विकास पोर्टल के डैशबोर्ड पर उपलब्ध विकल्प का चयन कर अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा। ओटीपी सत्यापन के उपरांत किसान की भूमि एवं पट्टे संबंधी जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी। इसके बाद किसान को अपनी भूमि के अनुसार फसल का चयन करना होगा, जिससे आवश्यक उर्वरक की मात्रा स्वतः प्रदर्शित हो जाएगी।
यूरिया के साथ डीएपी, एसएसपी अथवा एनपीके में से उपयुक्त विकल्प का चयन करना अनिवार्य होगा। चयनित फसल एवं उपलब्ध रकबे के आधार पर आवश्यक उर्वरक का प्रकार चुनने के पश्चात संबंधित वितरण केंद्रों—डबल लॉक केंद्र, एमपी एग्रो, सहकारी समितियों अथवा निजी विक्रेताओं—पर उपलब्ध उर्वरक स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित होगी। वितरण केंद्र के चयन के बाद किसान का ई-टोकन जारी हो जाएगा।
जारी किए गए ई-टोकन के आधार पर किसान को दो दिवस के भीतर चयनित वितरण केंद्र से उर्वरक प्राप्त करना होगा। निर्धारित समयावधि में उर्वरक प्राप्त न करने की स्थिति में टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा। इस व्यवस्था से किसानों को लंबी कतारों में प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होगी तथा उर्वरक वितरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनेगी।
उल्लेखनीय है कि ई-विकास पोर्टल के माध्यम से ई-टोकन बुक करने के लिए किसान के पास वैध फार्मर आईडी होना अनिवार्य है।
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