मानसरोवर की आन-बान-शान सविता जैन 'मनस्वी' का 'काव्य संगम देहरादून' में भव्य सम्मान
मानसरोवर की आन-बान-शान सविता जैन 'मनस्वी' का 'काव्य संगम देहरादून' में भव्य सम्मान
देहरादून/श्रीगंगानगर। साहित्यिक जगत में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाली संस्था मानसरोवर की आन-बान-शान और प्रख्यात कवयित्री सविता जैन 'मनस्वी' ने देवभूमि देहरादून में आयोजित भव्य 'काव्य संगम' में संस्था का गौरव बढ़ाया। कार्यक्रम में उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक सक्रियता और गरिमामयी उपस्थिति के लिए आयोजकों द्वारा उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
संस्था का गौरव बनीं सविता जैन, आयोजकों का जताया आभार
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सहभागी सविता जैन 'मनस्वी' ने कार्यक्रम के मुख्य आयोजकों—आदरणीय अजीज सिद्दीकी जी एवं रीमा सिन्हा जी का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 'काव्य संगम देहरादून' में आमंत्रण और मिला यह सम्मान बेहद भावुक करने वाला है। साहित्य सेवा के क्षेत्र में आयोजकों की यह पहल अत्यंत अनुकरणीय और वंदनीय है।
सुंदर संयोजन और उत्कृष्ट संचालन की सराहना
सविता जी ने कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने वाले नरेश उनियाल जी के सुंदर संयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इसके साथ ही मंच का सुदृढ़ और अद्वितीय संचालन करने वालीं रश्मि मृदुलिका जी तथा संतोष मिश्रा सोनी जी के कार्य को उत्कृष्ट व सराहनीय बताया। उन्होंने आयोजन समिति, मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों और आदरणीय अध्यक्ष महोदय के कुशल मार्गदर्शन के प्रति भी कृतज्ञता प्रकट की।
साहित्यकारों और श्रोताओं का किया अभिनंदन
मानसरोवर की गौरव सविता जैन 'मनस्वी' ने मंच से जुड़े देश के कोने-कोने से आए प्रत्येक कवि, रचनाकार और प्रबुद्ध श्रोताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि सभी की उत्कृष्ट रचनाओं और स्नेहपूर्ण सहयोग ने ही इस आयोजन को सार्थक और स्मरणीय बनाया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी संस्था और उन्हें इसी प्रकार का स्नेह, मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहेगा ताकि साहित्य की यह पावन अविरल यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहे।