5वीं ऑल इंडिया मेयर एवं आरडब्ल्यूए शिखर सम्मेलन में पारित हुए पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव
ग्रेटर नोएडा, 6 जून 2026। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, नॉलेज पार्क-2, ग्रेटर नोएडा में आयोजित 5वीं ऑल इंडिया मेयर एवं आरडब्ल्यूए शिखर सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए महापौरों, पर्यावरणविदों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने वायु प्रदूषण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर गंभीर मंथन किया। सम्मेलन में सभी मेयर्स ने एक स्वर में स्वीकार किया कि कूड़े का निस्तारण खुले में नहीं होना चाहिए तथा इसके लिए वैज्ञानिक एवं स्थायी समाधान अपनाए जाने चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सोमेन्द्र तोमर ने कहा कि गैर-सरकारी संगठनों की इस पहल का वे हृदय से स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को समान महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सम्मेलन में प्रस्तुत सभी पांच प्रस्तावों का समर्थन करते हुए उन पर सहमति के हस्ताक्षर भी किए।
कोरवा (कन्फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वीर चक्र सम्मानित कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने कहा कि वायु प्रदूषण दिखाई नहीं देता, लेकिन इसके सूक्ष्म और जहरीले कण फेफड़ों को स्थायी क्षति पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि अब युद्धस्तर पर वृक्षारोपण एवं वर्टिकल गार्डनिंग को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
सम्मेलन में निम्नलिखित पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए—
प्रत्येक जिले में महीने में कम से कम एक दिन कार-फ्री डे घोषित किया जाए।
सभी श्मशान घाटों में मोक्षदा प्रणाली लागू की जाए, जिससे शवदाह में दो-तिहाई लकड़ी की बचत हो सके।
सभी शहरों में डंपिंग ग्राउंड के स्थान पर सैनिटरी लैंडफिल विकसित किए जाएं।
मेट्रो और फ्लाईओवर के पिलरों पर बड़े पैमाने पर वर्टिकल गार्डनिंग की जाए।
प्रत्येक शहर में ई-वेस्ट कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएं।
विशिष्ट अतिथि एवं आंध्र प्रदेश सरकार के सलाहकार राजन छिब्बर ने कहा कि हाउसिंग सोसाइटी निर्माण के साथ-साथ बड़े पैमाने पर पौधारोपण पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
यमुनानगर की मेयर सुमन बहमानी ने कहा कि यदि नगर निगम अधिकारी प्रतिदिन सुबह क्षेत्र भ्रमण करें तो अनेक समस्याओं का स्वतः समाधान हो सकता है। उन्होंने प्राकृतिक स्थलों को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने का सुझाव भी दिया।
कर्नाटक के बेलारी के मेयर पी. गड़प्पा ने खाली भूमि को हरित पट्टियों में बदलने पर बल दिया, जबकि गुवाहाटी के मेयर ने वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए जनता के साथ निरंतर संवाद को आवश्यक बताया।
ग्रीन सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं वर्ल्ड एनवायरनमेंट एक्सपो के संयोजक स्वदेश कुमार तथा कोरवा-यूपी के अध्यक्ष डॉ. पवन कौशिक ने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) की नियमित जांच होनी चाहिए, क्योंकि अनेक स्थानों पर ईटीपी लगाए तो जाते हैं, लेकिन संचालित नहीं किए जाते।
इस अवसर पर डॉ. ज्योति चौधरी (तेलंगाना), थंगा वेलु (तमिलनाडु), ज्ञान सिंह (झारखंड), आर.सी. तिवारी (हरियाणा), सौरभ गांधी (दिल्ली) तथा राज शर्मा (उत्तर प्रदेश) को प्रतिष्ठित ग्रीन इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
सम्मेलन में डॉ. पवन कौशिक, कैलाश चंद्र शर्मा, बी.टी. श्रीनिवासन, प्रो. राजेंद्र पवार, चेतन शर्मा, डॉ. आर.के. आर्या, मेजर जनरल डॉ. श्री पाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि एवं पर्यावरण प्रेमी भी उपस्थित रहे।