विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पलाश हॉल में भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन
रांची। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आज पलाश हॉल में विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर एक अत्यंत भव्य, गरिमामय एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति जन-जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अधिकारियों एवं गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात श्री पी आर नायडू, आईएफएस ने सभागार में मौजूद सभी का स्वागत किया ।
जिसके बाद श्री संजीव कुमार पीसीसीएफ - हॉफ ने सभागार में मौजूद सभी को संबोधित करते हुए कहा कि
“वन हमारी जीवन रेखा हैं, और उनका संरक्षण हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने यह भी कहा कि केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
इसके बाद कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए दो प्रख्यात वक्ताओं श्री राजीव लोचन बक्शी, आईएफएस (मेंबर सेक्रेट्री झारखंड स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड) और डॉ एम के रमेश ने पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
पहले वक्ता श्री राजीव लोचन बक्शी, आईएफएस (मेंबर सेक्रेट्री झारखंड स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड) ने कहा:
“यदि हम आज प्रकृति की रक्षा नहीं करेंगे, तो कल हमारी आने वाली पीढ़ियों के पास सांस लेने के लिए शुद्ध हवा भी नहीं बचेगी।”
उन्होंने वनों की कटाई, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर चिंता व्यक्त करते हुए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
दूसरे वक्ता डॉ एम के रमेश ने कहा:
“पर्यावरण केवल संसाधन नहीं, यह हमारा जीवन है। प्रकृति के बिना मानव अस्तित्व की कल्पना भी असंभव है।”
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव कर बड़े पर्यावरणीय परिवर्तन का हिस्सा बनें।
आखिर में श्री श्रीकांत वर्मा डीएफओ रांची ने कहा कि
“वन्यजीव और वन हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का आधार हैं, इनके बिना जीवन संतुलन संभव नहीं है।” उन्होंने सभी से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “हर लगाया गया पौधा भविष्य की सांसों को सुरक्षित करता है।”
कार्यक्रम को मनोरंजक बनाते हुए कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जो रोचक हों के साथ ही जागरूकता आधारित थे । प्रतियोगिताएं जैसे स्किट , क्विज प्रतियोगिता, एक्सटेम्पोर प्रतियोगिता, एवं क्राफ्ट जिसमें विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया। जिसके लिए चुनिंदा विजेताओं को पुरस्कृत कर सम्मानित भी किया गया।