स्वामीनारायण मंदिर बुरहानपुर* में अधिक मास की कथा में स्वामी जी ने बहुत सुंदर प्रसंग सुनाया - *कंस और देवकी का
*स्वामीनारायण मंदिर बुरहानपुर* में अधिक मास की कथा में स्वामी जी ने बहुत सुंदर प्रसंग सुनाया - *कंस और देवकी का*।
*आज की कथा का सार:*
स्वामी जी ने बताया कि कितना भी क्रूर इंसान हो, भगवान के सम्मुख जाते ही उसके विचार बदल जाते हैं।
कंस 6-6 बच्चों को मारने में नहीं हिचका, लेकिन जब देवकी को मारने का विचार आया तो रुक गया। मन में आया - "ये तो मेरी बहन है, स्त्री हत्या और बाल हत्या का कलंक लगेगा"। मरना तो एक दिन है ही, पर ऐसे पाप के साथ क्यों मरूं?
जैसे ही राजमहल जाता, फिर मारने का विचार चढ़ता। फिर देवकी के पास आता, फिर करुणा जागती।
धीरे-धीरे कंस की हालत ये हो गई कि खाते-पीते, चलते-फिरते, सोते-जागते हर समय उसे भगवान का दर्शन होने लगा। सपनों में भी भगवान आने लगे। अखंड स्मरण होने लगा।
जो चीज बड़े-बड़े भक्तों को बड़ी साधना से मिलती है, वही स्थिति कंस को सहज ही मिल गई - भगवान का लगातार स्मरण।
*शिक्षा:* भगवान के सामने जाने की देर है। पाप-पुण्य का विचार, जीवन का हिसाब-किताब अपने आप शुरू हो जाता है।
स्वामी जी ने कहा - भगवान का जन्म कथा हम कल के सत्र में श्रवण करेंगे।
*आज की कथा यहीं विराम*
बोलो - स्वामीनारायण भगवान की जय!
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