अमेरिका-ईरान तनाव जारी, मध्य पूर्व में सैन्य और कूटनीतिक गतिरोध
मध्य पूर्व: अमेरिका और ईरान के बीच अप्रैल में हुए युद्धविराम के बावजूद दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के आरोप लगा रहे हैं। अमेरिका ईरान के संवर्धित यूरेनियम कार्यक्रम पर कड़े प्रतिबंध चाहता है, जबकि ईरान प्रतिबंधों में राहत की मांग कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था IAEA ने बताया है कि वह कई ईरानी परमाणु स्थलों का निरीक्षण नहीं कर पा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी है।
हाल के दिनों में ईरान से जुड़े हमलों में कुवैत और खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों का भी नाम सामने आया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा है। अमेरिका फारस की खाड़ी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए हुए है, जबकि ईरान दबाव की रणनीति अपना रहा है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण भारत जैसे तेल आयातक देशों पर महंगाई का खतरा बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि बातचीत की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है।