हरियाणा में अब नहीं चलेगा सरपंच पति राज....
हरियाणा में अब नहीं चलेगा ‘सरपंच पति’ राज !
हरियाणा में महिला सरपंचों को अब स्वयं अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। पंचायत बैठकों, सरकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक कार्यों में महिला सरपंच की जगह उनके पति, ससुर या अन्य परिजन प्रतिनिधि के रूप में भाग नहीं ले सकेंगे।
सरकार और पंचायत राज संस्थाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता द्वारा चुनी गई महिला सरपंच स्वयं निर्णय लें और पंचायत का नेतृत्व करें। देशभर में भी "Say No to Proxy Sarpanch" अभियान के माध्यम से महिला जनप्रतिनिधियों को सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
आपकी राय? क्या यह फैसला ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को वास्तविक नेतृत्व देने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा?