रोहतक में इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला और एसपी के बीच तीखा विवाद
हरियाणा के रोहतक में बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) के प्रदर्शन के दौरान रानिया से विधायक अर्जुन चौटाला और रोहतक के एसपी गौरव राजपुरोहित तथा डीसी सचिन गुप्ता के बीच तीखी बहस का मामला गरमा गया है। जिला सचिवालय के बाहर करीब चार घंटे तक ज्ञापन सौंपने का इंतजार करने के बाद जब अधिकारी पहुंचे, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई और विधायक अर्जुन चौटाला ने एसपी से बेहद सख्त लहजे में कहा कि "मैं तुमसे बात नहीं कर रहा, अपनी ड्यूटी करो और दफा हो जाओ।" इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हरियाणा आईपीएस एसोसिएशन ने देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर विधायक के इस व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की और इसे बिना किसी उकसावे के प्रशासनिक अधिकारियों को डराने-धमकाने का प्रयास बताते हुए जिला प्रशासन के साथ खड़े होने की बात कही।
आईपीएस एसोसिएशन की इस त्वरित प्रतिक्रिया और निंदा पर पलटवार करते हुए विधायक अर्जुन चौटाला ने अपनी सफाई में स्पष्ट किया कि वह एक चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं और सरकारी प्रोटोकॉल के अनुसार उनका दर्जा एसपी और डीसी दोनों से बड़ा है, इसलिए वह अधिकारियों की बदतमीजी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके साथ ही अर्जुन चौटाला ने यह भी ऐलान किया कि जिस भाषा में उनके साथ बात की जाएगी, वह उसी भाषा में जवाब देना जानते हैं और वह प्रशासनिक अधिकारियों के इस कथित दुर्व्यवहार तथा बदतमीजी को लेकर विधानसभा स्पीकर को विशेषाधिकार हनन का औपचारिक नोटिस भी सौंपेंगे। पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक आचरण, प्रोटोकॉल की मर्यादा और एक जनप्रतिनिधि के जनता के प्रति दायित्वों को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां एक तरफ नौकरशाही अपनी गरिमा की दुहाई दे रही है, तो दूसरी तरफ राजनीतिक नेतृत्व जनता की आवाज उठाने के लिए अधिकारियों के रवैये को जिम्मेदार ठहरा रहा है।