लम्भुआ में सपा की राजनीति में तीसरे विकल्प की चर्चा
संतोष बनाम बाजीगर के बीच क्या तीसरे विकल्प की दस्तक, श्यामलाल निषाद की ज्वाइनिंग पर बढ़ी चर्चा
लम्भुआ, सुल्तानपुर : लम्भुआ विधानसभा की समाजवादी पार्टी की राजनीति में महंगाई, बेरोजगारी और बिजली कटौती जैसे मुद्दों को लेकर दो बड़े धरना-प्रदर्शन हुए। पहले जितेंद्र वर्मा उर्फ बाजीगर वर्मा ने शक्ति प्रदर्शन किया, जबकि बाद में पूर्व विधायक संतोष पांडेय के नेतृत्व में दूसरा बड़ा प्रदर्शन आयोजित हुआ। राजनीतिक गलियारों में अब तीसरे विकल्प की चर्चा तेज हो गई है, खासकर श्यामलाल निषाद 'गुरुजी' और पूर्व जिला पंचायत सदस्य परमात्मा यादव की चुप्पी और सक्रियता को लेकर।
स्थानीय राजनीतिक जानकारों का कहना है कि एक ही पार्टी के अंदर विभिन्न प्रदर्शन केवल विरोध नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीतिक तैयारी होती है। सपा कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या लम्भुआ की राजनीति अब दो ध्रुवों तक सीमित रहेगी या कोई तीसरा नेता अलग पहचान बनाकर संगठन में नई ताकत के रूप में उभरेगा। फिलहाल कोई स्पष्ट तीसरा विकल्प सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक माहौल में इसके संकेत दिखाई दे रहे हैं, जो संतोष पांडेय और बाजीगर वर्मा दोनों के लिए चुनौती बन सकता है।