फुलवारी शरीफ में बढ़ती नशाखोरी बनी चिंता का विषय, प्रशासनिक कार्रवाई की मांग
आईमा मीडिया | फुलवारी शरीफ, पटना
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद नशे के अवैध कारोबार और नशीले पदार्थों की उपलब्धता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पटना जिले के फुलवारी शरीफ स्थित माली गली एवं आसपास के क्षेत्रों में युवाओं के बीच बढ़ती नशाखोरी स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई स्थानों पर कुछ युवक खुलेआम नशीले पदार्थों का सेवन करते देखे जाते हैं। इससे क्षेत्र का सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है और आम लोगों, विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है तथा वे शिक्षा और रोजगार से दूर होते जा रहे हैं।
नशे की लत केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, नशीले पदार्थों का सेवन युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। यही कारण है कि समय रहते इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में नियमित निगरानी, जागरूकता अभियान और सख्त कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है। उनका मानना है कि यदि प्रशासन, पुलिस और समाज मिलकर प्रयास करें तो इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
क्षेत्रवासियों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि फुलवारी शरीफ के संवेदनशील इलाकों में विशेष अभियान चलाकर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और सेवन पर रोक लगाई जाए। साथ ही युवाओं को खेल, शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
"युवा देश का भविष्य हैं। यदि उन्हें नशे की गिरफ्त से बचाना है तो समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।"
— आईमा मीडिया, फुलवारी शरीफ (पटना)