सिंगरौली को मिला विकास का नया संबल: अब DMF की पूरी राशि जिले के विकास पर होगी खर्च.
सिंगरौली, मध्य प्रदेश। खनिज संपदा से समृद्ध सिंगरौली जिले के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय सामने आया है। जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) की राशि को लेकर शासन स्तर पर किए गए बदलाव के बाद अब हर वर्ष प्राप्त होने वाली लगभग 950 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे जिले के विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी।
अब तक सिंगरौली को विकास परियोजनाओं के लिए सीमित राशि ही प्राप्त हो पाती थी, जबकि DMF का बड़ा हिस्सा अन्य क्षेत्रों में उपयोग किया जाता था। नए निर्णय के बाद जिले में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और अधोसंरचना विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सिंगरौली दौरे के दौरान आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में जिले के विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला प्रशासन, एनसीएल तथा निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्रशासन द्वारा DMF निधि से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, स्वच्छता एवं पर्यावरण सुधार जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित योजनाओं में परसौना-माड़ा, परसौना-बरगवां, परसौना-तेलगवां तथा परसौना-निगाही-जयंत बायपास मार्गों का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल है।
इसके साथ ही आधुनिक स्कूलों, उन्नत अस्पतालों, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, विद्युत सुविधाओं और प्रदूषण नियंत्रण के लिए भी विशेष परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। शहर के सुनियोजित विकास हेतु हाउसिंग बोर्ड, विकास प्राधिकरण तथा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), भोपाल का तकनीकी सहयोग लिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस निधि का पारदर्शी और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया गया, तो सिंगरौली का वर्षों पुराना विकासात्मक पिछड़ापन दूर हो सकता है। जिलेवासियों के लिए यह निर्णय रोजगार, बेहतर सुविधाओं और आधुनिक शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।
जिले के नागरिकों की अपेक्षा है कि DMF की इस विशाल राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देते हुए किया जाए, ताकि सिंगरौली प्रदेश के सबसे विकसित जिलों में अपनी पहचान बना सके।