NEET UG री-एग्जाम के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था, NTA ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी
नई दिल्ली। NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद होने वाली पुनर्परीक्षा को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत करने का दावा किया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में NTA ने बताया कि 21 जून को होने वाले री-एग्जाम के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं। �
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🔒 क्या होंगे नए सुरक्षा इंतजाम?
आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य।
परीक्षा केंद्रों में AI आधारित CCTV निगरानी।
सभी केंद्रों पर मोबाइल जैमर की व्यवस्था।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई के लिए CAPF और पुलिस सुरक्षा।
प्रश्नपत्र खोलने की अनुमति परीक्षा शुरू होने से केवल 45 मिनट पहले।
प्रश्नपत्र सेट करने वाले विशेषज्ञों को इंटरनेट और मोबाइल से पूरी तरह अलग रखा जाएगा।
CCTV फुटेज कम से कम 90 दिनों तक सुरक्षित रखी जाएगी। �
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📹 1.85 लाख CCTV कैमरों से निगरानी
NTA के अनुसार देशभर के परीक्षा केंद्रों, स्ट्रॉन्ग रूम, प्रवेश द्वार और गलियारों में लगभग 1.85 लाख CCTV कैमरे लगाए गए हैं। AI तकनीक की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। �
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🏛️ सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
सुप्रीम कोर्ट ने पेपर लीक मामले को गंभीर मानते हुए NTA से परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करने को कहा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से NTA के पुनर्गठन और भविष्य की परीक्षा व्यवस्था पर भी जवाब मांगा है। �
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💻 2027 से कंप्यूटर आधारित परीक्षा की तैयारी
NTA ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 2027 से NEET UG को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके। �
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📌 फटाफट अपडेट
21 जून को होगा NEET UG 2026 री-एग्जाम।
आधार बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य।
AI निगरानी और मोबाइल जैमर का इस्तेमाल।
1.85 लाख CCTV कैमरों से सुरक्षा।
2027 से CBT मोड लागू करने की तैयारी। �