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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के वनवासी संबोधन का विरोध: सक्ती मे आदिवासी कांग्रेस ने पुतला दहन कर जताया आक्रोश; हम वनवासी नहीं, आदिवासी हैं के लगाए नार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासी समाज को कथित रूप से “वनवासी” कहे जाने के विरोध में जिला आदिवासी कांग्रेस कमेटी सक्ती के नेतृत्व में शुक्रवार को जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया गया। जिला आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष जागेश्वर सिंह राज के नेतृत्व में कचहरी चौक में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग, कांग्रेस कार्यकर्ता एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए और अमित शाह का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “हम वनवासी नहीं, आदिवासी हैं” और “आदिवासी अस्मिता का सम्मान करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आदिवासी समाज की ऐतिहासिक और संवैधानिक पहचान “आदिवासी” है तथा उसे किसी अन्य नाम से संबोधित करना समाज की पहचान और स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ है।


आदिवासी संगठनों का आरोप है कि हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने आदिवासी समुदाय के लिए “वनवासी” शब्द का उपयोग किया था, जिसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस मुद्दे को लेकर कई आदिवासी संगठन और कांग्रेस से जुड़े मंच लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं।


प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जागेश्वर सिंह राज ने कहा कि आदिवासी समाज इस देश का मूल निवासी है और उसकी पहचान “आदिवासी” के रूप में ही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, इतिहास और संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। समाज अपनी अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्षरत रहा है और भविष्य में भी किसी प्रकार की उपेक्षा या अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को “वनवासी” कहकर उसकी मूल पहचान को कमजोर करने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। समाज अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा।


कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने आदिवासी समाज की एकता, स्वाभिमान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित रहने का संकल्प लिया। साथ ही समाज से जुड़े मुद्दों पर लगातार जागरूकता अभियान चलाने और आवाज बुलंद करने की बात कही गई।

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