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सुरक्षा कैंपों का कायाकल्प: अब बनेंगे 'जन सेवा केंद्र'

केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार की रणनीतिक योजना के तहत बस्तर में सुरक्षा बलों (CRPF, BSF और पुलिस) द्वारा स्थापित किए गए कैंपों के स्वरूप में ऐतिहासिक बदलाव किया जा रहा है।
​क्या है योजना: बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित रहे इलाकों में स्थित 196 सुरक्षा कैंपों में से 70 कैंपों को अगले डेढ़ साल में 'जन सेवा केंद्रों' (Seva Camps) में तब्दील कर दिया जाएगा।
​पहला केंद्र शुरू: हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर दौरे के दौरान इसके पहले 'जन सेवा केंद्र' का औपचारिक शुभारंभ किया। इसे 'वीर गुंडाधुर सेवा डेरा' पहल का नाम दिया गया है।
​ग्रामीणों को मिलने वाली सुविधाएं: इन सेवा केंद्रों का मुख्य उद्देश्य अंदरूनी गांवों के आदिवासियों तक सरकारी योजनाओं को सीधे पहुंचाना है। अब इन कैंपों के भीतर ही ग्रामीणों को ये सुविधाएं मिलेंगी:
​आधार कार्ड और राशन कार्ड बनवाना या सुधारना।
​बुनियादी बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट की सुविधाएं।
​प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, दवाइयां और टेली-मेडिसिन।
​राज्य और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लिए सीधे फॉर्म भरना।
​बदलाव की वजह: सुरक्षा बलों का मानना है कि अब जब अंदरूनी इलाकों से नक्सलियों का प्रभाव खत्म हो चुका है, तब इन कैंपों की भूमिका केवल हथियारों तक सीमित न रहकर ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने और विकास की रफ्तार बढ़ाने की होनी चाहिए।

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