विशेष समाचार बुलेटिन: भारत में मानसून 2026 की दस्तक और राज्यों में आगमन की तारीखें
नई दिल्ली: भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से परेशान देशवासियों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) भारत की मुख्य भूमि पर दस्तक दे चुका है। मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग राज्यों में मानसून पहुंचने की संभावित तारीखों का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है।
आइए जानते हैं कि आपके राज्य में बादलों की महफिल कब सजेगी और कब मिलेगी तपती गर्मी से राहत:
1. दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत (May 28 - June 5)
मानसून की शुरुआत हमेशा की तरह देश के दक्षिणी छोर और पूर्वोत्तर राज्यों से हो रही है।
केरल और लक्षद्वीप: 28 मई से 3 जून के बीच मानसून सक्रिय हो चुका है।
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 1 जून के आसपास।
तमिलनाडु: 1 जून से 5 जून के बीच।
2. मध्य और तटीय भारत (June 5 - June 15)
जून के दूसरे हफ्ते में मानसून की रफ्तार तेज होगी और यह देश के मध्य हिस्सों में प्रवेश करेगा।
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश: 5 जून से 10 जून के बीच।
बेंगलुरु: 5 से 10 जून।
मुंबई और महाराष्ट्र: 10 जून से 15 जून के बीच मुंबई में मानसून की पहली भारी बारिश की उम्मीद है।
तेलंगाना, गोवा और ओडिशा: 10 जून के आसपास।
पश्चिम बंगाल (कोलकाता): 10 जून से 15 जून के बीच।
3. पूर्वी और मध्य-उत्तर भारत (June 15 - June 25)
जून के तीसरे हफ्ते तक मानसून हिंदी भाषी और खेती-किसानी के मुख्य क्षेत्रों में पहुंचेगा।
झारखंड और छत्तीसगढ़: 15 जून के आसपास।
बिहार और मध्य प्रदेश: 15 जून से 20 जून के बीच झमाझम बारिश की उम्मीद।
उत्तर प्रदेश और गुजरात: 20 जून से 25 जून के बीच मानसून की एंट्री होगी।
4. उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत (June 25 - July 8)
जून के आखिरी दिनों और जुलाई के शुरुआती हफ्ते में मानसून देश के अंतिम छोर तक पहुंच जाएगा।
दिल्ली-NCR: 27 जून के आसपास दिल्लीवालों को मानसून की फुहारें मिलेंगी।
हरियाणा: जून के अंत तक।
राजस्थान (पूर्वी और पश्चिमी): 30 जून से 8 जुलाई के बीच।
पंजाब: 1 जुलाई के आसपास।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: जुलाई के शुरुआती दिनों (Early July) में।
जम्मू-कश्मीर: 5 जुलाई से 8 जुलाई के बीच मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।
मौसम विभाग (IMD) का अहम पूर्वानुमान
आईएमडी (IMD) ने 29 मई को जारी अपने अपडेटेड लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) में बताया है कि इस साल देश में मानसून की कुल बारिश सामान्य से थोड़ी कम (90%) रह सकती है। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश की उम्मीद जताई गई है।
किसानों के लिए सलाह: मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की तारीखों को ध्यान में रखते हुए ही किसान भाई अपनी खरीफ फसलों (जैसे धान, मक्का आदि) की बुवाई की तैयारी करें।
(मौसम से जुड़ी पल-पल की खबरों और सटीक तारीखों में बदलाव के लिए मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।