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Kalyanpur में निजी अस्पतालों की बढ़ती संख्या पर सवाल

Kalyanpur : निजी अस्पताल और नर्सिंग होम की तेजी से बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही सड़क और गली में 5 से 7 अस्पताल दिखाई देना सामान्य व्यवस्था नहीं माना जा रहा है। संदीप त्रिवेदी, सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र से जुड़े, ने बताया कि दूर-दराज़ इलाकों से एजेंट मरीज लेकर आते हैं और फिर रेफरल, कमीशन और भारी बिलिंग का खेल शुरू होता है। कई संस्थानों की सुविधाओं, मानकों और पारदर्शिता को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं।

Kalyanpur क्षेत्र निजी स्वास्थ्य संस्थानों का बड़ा केंद्र बन चुका है, लेकिन सभी संस्थान शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित हो रहे हैं या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। योग्य डॉक्टर, ICU, OT और इमरजेंसी सुविधाओं की उपलब्धता और प्रशासन के नियमित ऑडिट और निगरानी रिकॉर्ड की सक्रियता पर संदेह है। खासकर, हाल के वर्षों में kidney transplant रैकेट जैसी गंभीर घटनाओं में कई गिरफ्तारियां और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई हुई है, जिसने सिस्टम की निगरानी और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा किया है।

संदीप त्रिवेदी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग करते हैं कि सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम का पारदर्शी ऑडिट हो, लाइसेंस, डॉक्टर योग्यता और सुविधाओं की सार्वजनिक जांच हो, एजेंट नेटवर्क पर कार्रवाई की जाए और स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जनता से भी अस्पताल का रजिस्ट्रेशन, डॉक्टर की योग्यता और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेने का आग्रह किया।

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