उत्तराखंड में मौसम का बड़ा यू-टर्न, कई जिलों में भारी बारिश-तूफान का ऑरेंज अलर्ट
देहरादून। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से जूझ रहे उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए भारी बारिश, आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 29 मई से प्रदेश में तेज मौसमीय गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में खतरे भी बढ़ सकते हैं।
मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में तेज बारिश और तूफान की संभावना जताई है। वहीं राजधानी देहरादून और टिहरी समेत कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। IMD के अनुसार कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
देहरादून और टिहरी जिलों में आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने के कारण राज्य में मौसम तेजी से बदल रहा है। पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।
चारधाम यात्रा पर भी मौसम का असर पड़ सकता है। मौसम विभाग और प्रशासन ने यात्रियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। इससे पहले भी IMD ने चारधाम मार्गों पर खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की थी।
मौसम विभाग ने 30, 31 मई और 1 जून के लिए भी पूरे राज्य में येलो अलर्ट जारी किया है। कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में प्री-मानसून गतिविधियां और तेज हो सकती हैं, जिससे मौसम और अधिक उग्र रूप ले सकता है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों, पर्यटकों और पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वालों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।