गाँवों में जाति-धर्म आधारित फोटो खिंचवाने की प्रवृत्ति
आजकल हर गाँव में 10-12 छपरी दोस्त विभिन्न जाति और धर्म के लोगों के साथ फोन में फोटो खिंचवाते हैं। इसके बावजूद वे अपने गाँव के प्रधान, विधायक, वीडियो और SDM से उनकी जिम्मेदारी नहीं पूछ पाते।
वे हमेशा विदेशों की तरह अपेक्षाएं रखते हैं और हर जगह दोष सरकार पर डालते हैं। इस प्रवृत्ति से स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठते हैं।