मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण और जनहित माइक्रोबायोलॉजिस्ट की पोस्ट न भरना स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर खतरा हरबंस सिंह
शहीद भगत सिंह प्रेस एसोसिएशन पंजाब के एडवाइजर हरबंस सिंह ने रिपोर्टर्स के साथ बातचीत करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन में एक गंभीर समस्या लगातार सामने आ रही है। सरकारों द्वारा माइक्रोबायोलॉजिस्ट की खाली पोस्टों को न भरना और उनकी जगह लैब टेक्नीशियन को नियुक्त करना स्वास्थ्य व्यवस्था की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि माइक्रोबायोलॉजिस्ट की ट्रेनिंग और विशेषज्ञता लैब टेक्नीशियन से पूरी तरह अलग और अधिक विशेष होती है। माइक्रोबायोलॉजिस्ट जटिल लैब टेस्ट, रिसर्च कार्य और संक्रामक बीमारियों की सही पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी जगह कम प्रशिक्षित स्टाफ रखना केवल एक अस्थायी और सस्ता समाधान माना जा सकता है, जो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। हरबंस सिंह ने कहा कि सरकारों द्वारा इस विषय को गंभीरता से न लेने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें स्वास्थ्य विभाग में बजट की कमी, विशेषज्ञ पदों के महत्व की उचित समझ का अभाव और प्रशासनिक लापरवाही प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों और लैबों में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए ठोस नीति और प्रभावी योजना की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि सरकार माइक्रोबायोलॉजिस्ट की पोस्टों पर नियमित और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करे। साथ ही स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञ स्टाफ की भर्ती के लिए बजट बढ़ाया जाए और लैब टेक्नीशियन को भी आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।
हरबंस सिंह ने कहा कि जैसे दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ की कमी के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है, उसी प्रकार पंजाब और अन्य राज्यों में भी सरकारों को जनदबाव और कानूनी हस्तक्षेप के माध्यम से इस गंभीर विषय पर ध्यान देने के लिए मजबूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर मेडिकल एसोसिएशनों और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भेजे जाने चाहिए तथा सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से भी इसे प्रमुखता से उठाया जाना चाहिए। रुबजीत कौर माइक्रोबायोलॉजिस्ट
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