logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

जिसके लिए रोएं उनकी आंखों में आसूं नहीं

हमारी जन सुराज पार्टी के सूत्रधार परमादरणीय प्रशांत किशोर बाबू जब से राजनीति में कदम रखें हैं तब से बड़े-बड़े नेताओं के नकली और असली चेहरा को जनता की अदालत में रखने का काम किए हैं। सम्राट चौधरी, अशोक चौधरी, प्रेम कुमार एवं दीलिप जसवाल के बारे में जो भी जानकारी जनता की अदालत में रखने का काम किए, इससे पहले किसी नेता ने बोलने का हिम्मत भी नहीं किया। हत्या जैसे जघन्य अपराध निर्दय ही कर सकता है।आय से ज्यादा सम्पत्ति जनता का हक खाकर ही बनाया है। ऐसे निर्दयी सत्ताधारी नेता जनता की सेवा और आम जनता को न्याय कैसे दे सकते हैं। चुनावी वादे अभी तक एक भी नहीं पूरे किए हैं। जब-जब जनता सोए हैं,तब -तब देश गुलाम हुआ है। यदि इस बार उपचुनाव में जनता, हमारी पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर बाबू की बात पर अमल कर ,हमारी पार्टी को विजय दिलाते हैं।जागे हुए जनता की जयकार होगी नकी हमारी पार्टी की। इसलिए तमाम जनता से गुजारिश है कि, नेक,लायक और दयानतदार पार्टी, जन सुराज के उम्मीदवार को बांकीपुर सीट से विजय बनाने के
लिए दृढ़ संकल्पित होवें।जो महामानव अपनी जनता के लिए,अपनी कमाई से, जनता की कुंभकरणी निद्रा से जगाने के लिए, गांव गांव का सफर कर रहे हैं । जनता की आंखों की आंसू पोंछने के लिए,आम जनता की भलाई करने के लिए ,,अपनी जिंदगी की कमाई खर्च कर जगाने के लिए, सत्ता परिवर्तन के लिए लड़ रहे हैं। यदि इस बार भी उनकी भावनाओं को तरजीह आम जनता नहीं देंगी, तो निसंदेह आने वाले समय में एक भी नेता गूंगी,बहरी ,अंधी जनता के लिए नेतृत्व नहीं करेंगे। चीन जैसे सरकार भारत मे होगी।हमारे नेता जनता को लूटने के लिए सत्ता में नहीं आ रहें हैं, सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय विचार अभिव्यक्ति ,आम जनता को दिलाने के लिए ,अपनी सम्पत्ति खर्च कर आना चाहते हैं। हमारे मुख्यमंत्री हर जगह का नाम बदलने पर लगे हुए हैं, यहां तक राष्ट्रपिता गांधी का भी नाम बदल दिए या नहीं ले पा रहे हैं। अतः बिहार को बचाना है तो जन सुराज को लाना है। हमारी सरकार मुफ्त में खरांत नहीं, रोजी -रोजगार और अच्छी शिक्षा ,निर्भय होकर ज़िन्दगी जीने की आजादी देंगी। दलित आदिवासी से कहना है कि आपके हक हिस्से के लिए जो आवाज बन रहें हैं उसे जाति पाति से उपर उठकर एक बार मौका दे। आपके साथ इंसाफ नहीं होगा तो दूसरी बार बेदखल कर देंगे।एक बार मौका तो दे। हम दलितों को दलित नेता ही लूटा है अन्य में इतना दम कहां। अभी अनुसूचित जाति जनजाति के 131 एम पी जो हमारे नेतृत्व करने के लिए केन्द्र में है। आपके हक की आवाज क्यों नहीं उठाते। अभी UP में प्रमोशन से आरक्षण बाले पदाधिकारी को डिमोशन कर दिया है। कौन एमपी सवाल उठा रहा है? ये 131 दलित MP ,दलित हित में समर्थन वापस लेने की धमकी देना ही, सरकार को भारी लगेगी। फिर सरकार को दोषी करार देना औचित्य नहीं। बोलने की हिम्मत यदि दलित नेता में नहीं है,भला वह दलित को क्या कल्याण करेगा।जो हमारे हक की बात करेगा,उसी को नेता मानना चाहिए। नकी अपने जाति के नेता को।
जाति पाति की करो विदाई,जन सुराज की लहर जो आई।
जागेश्वर मोची
संवाददाता सह बिहार प्रदेश विचार मंच उपाध्यक्ष जन सुराज पार्टी पटना।

7
1041 views

Comment