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आप सभी को ईद-उल-अज़हा की हार्दिक शुभकामनाएँ। यह संदेश पीपल्स जस्टिस पार्टी की ओर से तथा पार्टी के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सदस्यों की तरफ़ से

आदरणीय महोदय,
आप सभी को ईद-उल-अज़हा की हार्दिक शुभकामनाएँ।
यह संदेश पीपल्स जस्टिस पार्टी की ओर से तथा पार्टी के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सदस्यों की तरफ़ से है।
ईद-उल-अज़हा त्याग, बलिदान, सब्र और इंसानियत से मोहब्बत का पैग़ाम लेकर आती है। यह त्योहार किसी भी प्रकार की नफ़रत या टकराव के लिए नहीं, बल्कि समाज में अमन, भाईचारे और आपसी सम्मान को मज़बूत करने के लिए मनाया जाता है।
प्रथम: भारत के इतिहास में यह पहली बार नहीं है कि ईद-उल-अज़हा मनाई जा रही हो। सदियों से इस देश में अलग-अलग धर्म और संस्कृतियाँ अपने-अपने त्योहार आपसी सौहार्द के साथ मनाती आई हैं। यही भारत की असली पहचान और ताक़त है।
द्वितीय: कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी मुस्लिम ने जानबूझकर किसी हिंदू भाई के सामने क़ुर्बानी देकर उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई हो। इस्लाम दूसरों की आस्थाओं और भावनाओं के सम्मान की शिक्षा देता है।
तृतीय: यदि सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देती है तो यह उसका संवैधानिक और प्रशासनिक अधिकार है। मुस्लिम समाज को इस पर कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते क़ानून सबके लिए समान, न्यायपूर्ण और मानवीय गरिमा के अनुरूप लागू हो।
चतुर्थ: क़ुर्बानी का असली उद्देश्य केवल जानवर नहीं, बल्कि अपनी बुरी इच्छाओं, अहंकार और नफ़रत को त्यागना है। इस्लाम क़ानून का पालन, स्वच्छता, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द के साथ इबादत करने की सीख देता है।
पंचम: किसी भी समस्या का समाधान नफ़रत, उकसावे या अफ़वाहों में नहीं, बल्कि संवाद, क़ानून और आपसी सम्मान में है। भारत का भविष्य तभी सुरक्षित है जब हम सब मिलकर अमन और भाईचारे के साथ आगे बढ़ें।
अंत में, हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि ईद-उल-अज़हा को शांति, प्रेम और क़ानून के दायरे में रहकर मनाएँ और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब को मज़बूत करें।
— सुहैब उर रहमान (अबू इनक़लाब)
पार्टी प्रवक्ता
पीपल्स जस्टिस पार्टी
ईद-उल-अज़हा मुबारक!

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