करंट लगने से दो मौतें, ग्रामीणों ने सड़क जाम किया
करंट लगने से दो लोगों की मौत, 2 घंटे तक सड़क जाम
आजमनगर प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार रात आई आंधी और बारिश के बाद बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में करंट की चपेट में आने से एक महिला और एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और सालमारी में करीब दो घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया गया।
पहली घटना सालमारी थाना क्षेत्र के पिढ़ाल पंचायत स्थित दिघलिया गांव की है। यहां 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार टूटकर खेत में गिर गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंगलवार रात में ही बिजली विभाग को इसकी सूचना दे दी गई थी, लेकिन न तो समय पर बिजली काटी गई और न ही टूटे तार को हटाया गया। बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे 35 वर्षीय संजरी खातून, पति मोहम्मद परवेज, खेत में मकई का डंठल उठाने गई थीं। इसी दौरान वह करंट प्रवाहित तार की चपेट में आ गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर सोहरागाछी मोड़ स्थित एसएच-98 को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़क जाम के कारण करीब दो घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा।
वहीं दूसरी घटना आजमनगर थाना क्षेत्र के खरसौता पंचायत स्थित हांसोपारा गांव में हुई। यहां मखाना खेत के पास बिजली पोल के अर्थिंग तार में उतरे करंट की चपेट में आने से 55 वर्षीय चरवाहा हरीफा मंडल की मौत हो गई। मृतक के पुत्र बबलू मंडल ने बताया कि उनके पिता सुबह मवेशी चराने गए थे। एक दिन पहले भी उसी क्षेत्र में करंट लगने से एक मवेशी की मौत हुई थी, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
सालमारी में बढ़ते तनाव को देखते हुए आजमनगर अंचल पदाधिकारी रिजवान आलम और सालमारी थानाध्यक्ष कुमारी जूली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया तथा पीड़ित परिवारों को सरकारी मुआवजा देने और दोषी कर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद सड़क जाम समाप्त हुआ।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते लाइन काट दी जाती, तो दोनों लोगों की जान बच सकती थी।