33वां राष्ट्रीय Acupressure Acupuncture सम्मेलन पटना, पुराना सचिवालय, अधिवेसन भवन में आयोजित हुआ, पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्वनी चौबे
33वां राष्ट्रीय Acupressure Acupuncture सम्मेलन पटना, पुराना सचिवालय, अधिवेसन भवन में आयोजित हुआ, पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्वनी चौबे जी राज्य और केंद्र सरकार के द्वारा उपरोक्त पद्धतियों के ऊपर लिए गये निर्णय के बारे में व्यापक जानकारी दी, और बताया की यह एक वैदिक चिकित्सा पद्धति है जिसे मर्म दाब कहते है इसे आज कई नामों से वर्गीकरण किया जा रहा है, जिसके बारे में लोग दिग्भ्रमित हो चुके है. अब समय आ गया है की हर घर मे एक Acupresaar थेरेपिस्ट और सरकार को हर प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, जिला अस्पताल, और बड़े चिकित्सा संस्थान में Acupresar विधा के विशेषज्ञ रखने चाहिए और इसके ऊपर और ज्यादा रिसर्च होना चाहिए. उन्होंने आश्वासत किया कि मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी से मिलूंगा और बात करके इस विधा के ऊपर और काम करूंगा.
33 वां राष्ट्रीय एक्यूप्रेशर - एक्युपंचर सम्मेलन पटना में पूर्व राज्यपाल, मेघालय व सिक्किम गंगा प्रसाद एवं पूर्व केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे जी द्वारा आए हुये सभी डिलीगेट्स को एक्यूप्रेशर थेरेपिस्ट आवार्ड के मोमेंटो और सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया।
इसके आलावा एक्यूप्रेशर के पॉइंट की सटीक जानकारी लेने के लिए भारत में पहली बार BAYC द्वारा एक ACUFIND नाम से एक APP लांच हुआ. साथ में कई गंभीर बीमारियों के ऊपर शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, इसमें फैटी लिवर डायबिटीज और मेंटल हेल्थ के ऊपर Acupresar की उपयोगिता का वर्णन किया गया.
उपरोक्त कार्यक्रम को देखते हुये दोस्तों अब समय आ चुका है की हम सभी को अपने जीवन बचाने के लिए वैकल्पिक चिकित्सा का सहारा लेना होगा जिसमें एक्यूप्रेशर ड्रग्लेस थेरेपी है जो दुनिया में बहुत तेजी से फैली रही है और पुनः भारत मे इस प्राचीन पद्धति को अपनाने और स्थापित करने का समय आ चुका है
इस इस कार्यक्रम में गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश से राधेश्याम केसरी के साथ गये डेलिगेशन एक्यूप्रेशर थैरेपिस्ट रोहित कुमार पांडे(MBBA),
अवनीश कुमार शर्मा, अकरम अंसारी, शशिकांत सिंह कुशवाहा इत्यादि को सम्मानित किया गया.
सम्मेलन का संचालन कार्यक्रम संयोजक अजय प्रकाश जी ने किया.
राधेश्याम केसरी