हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बाल देखभाल संस्थानों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की
“बाल हित सर्वोपरि” सिद्धांत पर बच्चों की देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश
पंचकूला, 27 मई : हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष सुश्री तृप्ति श्योराण की अध्यक्षता में सेक्टर-6 स्थित आयोग कार्यालय में अम्बाला मंडल के अंतर्गत संचालित बाल देखभाल संस्थानों के कार्य संचालन, प्रबंधन, समन्वय एवं बच्चों के पुनर्वास को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अम्बाला, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और यमुनानगर जिलों की बाल कल्याण समितियों के चेयरपर्सन, जिला बाल संरक्षण अधिकारी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों के पुनर्वास, सामाजिक पुनर्स्थापन, लंबित मामलों, बहाली प्रक्रिया, स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर, दत्तक ग्रहण एवं संस्थागत देखभाल व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही बच्चों की शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, गुमशुदा बच्चों से जुड़े मामलों, अन्य राज्यों से संबंधित प्रकरणों, अनुदान तथा संस्थानों के पंजीकरण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
सुश्री तृप्ति श्योराण ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि संस्थागत देखभाल “बाल हित सर्वोपरि” के सिद्धांत एवं किशोर न्याय अधिनियम-2015 की भावना के अनुरूप सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्थानों में रखना अंतिम विकल्प होना चाहिए तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी और बाल कल्याण समितियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किंशिप केयर, स्पॉन्सरशिप, आफ्टर केयर, फोस्टर केयर और दत्तक ग्रहण जैसे गैर-संस्थागत पुनर्वास विकल्पों को अधिक बढ़ावा दें।
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