निःशुल्क शिक्षा से बदलेगी 75 युवाओं की तक़दीर
हरदोई।
शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी, हरदोई द्वारा एक प्रेरणादायक पहल की गई है। अकादमी ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए हरदोई नार्थ के बसेलिया सेंटर पर 75 जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को एक वर्ष का निःशुल्क रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान किया। इस पहल का उद्देश्य ऐसे होनहार छात्रों को आगे बढ़ाना है, जो संसाधनों के अभाव में अपनी पढ़ाई और करियर को आगे नहीं बढ़ा पाते।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को अंग्रेज़ी संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास, इंटरव्यू तैयारी, डिजिटल स्किल्स सहित अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नौकरी एवं स्वरोजगार के योग्य बनाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में अपनी अलग पहचान बना सकें।
इस अवसर पर फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी के सीईओ दीपक चोपड़ा व क्षेत्रीय प्रबंधक रजत पांडेय ने कहा कि समाज में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन और अवसर की है। उन्होंने कहा,
“हमारा प्रयास है कि कोई भी युवा केवल आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी आगे भी इस प्रकार के सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम निरंतर संचालित करती रहेगी।”
एक वर्ष के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ क्षेत्र प्रबंधक सुदीप बाजपेयी , क्षेत्र प्रबंधक अदनान अहमद तथा हरदोई नार्थ की पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम में अध्यापक नितिन अग्निहोत्री निबउ नगला, अस्लम अली नई बस्ती, अंशुल जायसवाल उधरनपुर, मोहम्मद कैफ रैगवां, प्रेमनारायण शुक्ला ककरघटा और सोनम देवी नसौली में प्रशिक्षण दे रहे हैं बसेलिया सेंटर पर छात्रों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी अध्यापक शिवेंद्र सिंह ने निभाई, जिनके मार्गदर्शन में छात्रों ने उल्लेखनीय प्रगति की। इस दौरान इशिका, पल्लवी, सूरज, कृष्णा, विपिन व ममता सहित 60 छात्र व छात्राएं मौजूद रहे
निःशुल्क शिक्षा और प्रशिक्षण की इस सुविधा से छात्रों में काफी उत्साह देखने को मिला। छात्रों ने बताया कि इस पहल से उन्हें अपने भविष्य के लिए नई दिशा और आत्मविश्वास प्राप्त हुआ है। वहीं अभिभावकों ने अकादमी के इस प्रयास को गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बेहद लाभकारी बताया।
स्थानीय नागरिकों एवं समाजसेवियों ने भी अकादमी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि इस तरह के प्रयास लगातार जारी रहे, तो क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर विकसित होंगे।
फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी की यह पहल न केवल शिक्षा को बढ़ावा दे रही है, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रही है।