कोटा, 463 वे दिन भी बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर जे के मजदूरों का धरना जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जारी रहा।
कोटा 27 मई/ मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने कहा कि कोटा उद्योग नगर स्थित जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के 1997 में बंद होने से फैक्ट्री की तरफ 4200 मजदूरों का आज भी अपनी मेहनत का बकाया वेतन 260 करोड़ रुपयों से अधिक अटका हुआ है जेजिसको सरकार से मजदूरों को भुगतान करवाने की मांग को लेकर जे के सिंथेटिक फैक्ट्री की सीटू से संबंधित मजदूर यूनियनों के महामंत्रियों कामरेड हबीब खान कामरेड उमाशंकर कामरेड नरेंद्रसिंह के संयुक्त नेतृत्व में कानूनी और जमीनी स्तर पर मजदूरों को न्याय दिलाने और कोटा शहर में बन्द हुई जे के सिंथेटिक फैक्ट्री को वापस चालू करवाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़नी पड़ी है जिससे मजदूरों को राहत प्रदान हुई सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्ष 2023 में मजदूरों के पक्ष में फैसला दिया और राजस्थान सरकार को चेतावनी देते हुए आदेश जारी किया गया था कि जल्द ही सरकार फैक्ट्री की जमीन को अपने कब्जे लेकर अधिग्रहण करके तमाम मजदूरों का 29 साल से फैक्ट्री प्लांट की तरफ बकाया वेतन 260 करोड़ रुपयों से अधिक को 18% ब्याज सहित भुगतान करे और मजदूरों को रोजगार दिलाने हेतु बन्द जे के सिंथेटिक फैक्ट्री को वापस चालू कराकर युवाओं मजदूरों को रोजगार दिलाने का काम करे सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश की पालना सरकार से कराकर मजदूरों को बकाया वेतन भुगतान करवाने को लेकर जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के सैकड़ों मजदूर और महिलाएं जे के सिंथेटिक फैक्ट्री की तीनों मजदूर यूनियनों के महामंत्रियों के संयुक्त नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट गेट पर 18 फरवरी 2025 से अनिश्चित कालीन धरना लगाकर बैठे हुए हैं धरने को चलते हुए मंगलवार को 463 दिन बीत चुके आज धरने का 464 वा दिन है सरकार ने मजदूरों के धरने के दबाव में फैक्ट्री की जमीन को 24 जून 2025 को अधिग्रहण करके अपने कब्जे लेकर बिना मजदूरों को बकाया वेतन भुगतान किए कोटा विकास प्राधिकरण विभाग को सौंप दिया है जमीन अधिग्रहण करने 11 माह बीत गए लेकिन अभी तक सरकार द्वारा मजदूरों का बकाया वेतन 260 करोड़ रुपयों से अधिक जो अब 29 साल का 18% ब्याज जोड़कर 500 करोड़ रुपयों से अधिक बनता है मजदूरों को भुगतान नहीं किया जा रहा है जिससे धरने में उपस्थित मजदूरों और महिलाओं के साथ साथ कोटा शहर की आमजनता और सीटू कार्यकर्ताओं में प्रशासन और सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
धरने को संबोधित करते हुए मजदूर नेता कामरेड हबीब खान कामरेड नरेंद्रसिंह कामरेड उमाशंकर कामरेड अली मोहम्मद कामरेड कालीचरण सोनी कामरेड अशोक सिंह कामरेड महावीर प्रसाद कामरेड गोपाल शर्मा कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी कामरेड हनुमान सिंह कामरेड केदार जोशी महिला मजदूर नेता कामरेड पुष्पा खींची कामरेड कैलाशी बाई, रेशमा देवी रहीसा बानो व अन्य मजदूर नेताओं ने धरने को संबोधित करते हुए सरकार को उग्र आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक तमाम 4200 मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान नहीं होगा तब तक जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जे के मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना सीटू के बैनर तले जारी रहेगा सरकार से बकाया वेतन भुगतान लेके रहेंगे।