*श्री कच्छ आठ कोटि जैन समाज, स्थानकवासियों का राष्ट्रसंत प.पू. आचार्यश्री छोटालालजी म.सा. के शिष्य का 21 साल बाद विसनगर में आगमन*
मितेश ओस्तवाल,अहिंसा क्रांति, उतर गुजरात
*श्री कच्छ आठ कोटि जैन समाज, स्थानकवासियों का राष्ट्रसंत प.पू. आचार्यश्री छोटालालजी म.सा. के शिष्य का 21 साल बाद विसनगर में आगमन*
विसनगर दिनांक, 26 मई, 2026 मंगलवार को प.पू. गुरुदेव श्री दिनेशचंद्रजी म.स. ठाणा 4, विसनगर मेंआगमन-प्रवचन-प्रभावना।
श्री कच्छ आठ कोटि जैन समाज, स्थानकवासियों का एक बड़ा दल, राष्ट्रसंत प.पू. आचार्यश्री छोटालालजी म.सा. के शिष्य प.पू. गुरुदेव श्री दिनेशचंद्रजी म.सा.,प.पू श्री मुदितचंद्रजी म.सा.,प.पू श्री विनेशचंद्रजी म.सा.,प.पू. जितेन्द्र मुनि म.सा., आदि ठाना 4, जो 21 साल बाद उनका विसनगर की धन्यधारा पर आगमन हुआ इस निमित, पूरा श्री संघ विसनगर 25, घड़ी और बैंडवाजे के साथ एक भव्य समैया किया।
स्वागत समैया सहित कार्यक्रम विसनगर श्री नाकोड़ा मित्र मंडल द्वारा तैयार किया गया था।
कार्यक्रम सुबह 9:00 बजे समैया मंडप में पहुंचने के बाद शुरू हुआ।
कार्यक्रम का संचालन परेशभाई शाह ने किया।
गुरुदेव के मंगलाचरण के बाद, टीकाभाई शाह ने एक स्वागत गीत प्रस्तुत किया।महिला मंडल की बहनों ने गीतिका के माध्यम से गुरु भगवंत का स्वागत किया।गुरुदेव श्री प.पू. के शिष्यों श्री प्रदीक्षा कुमारी महासतीजी पू. श्री नम्या दीक्षाकुमारी पू. रम्या दीक्षाकुमारी पू. श्री हितदीक्षा कुमारी ठाणा 4, गुरुदेव का स्वागत समैया उपस्थित थे,चेष्टा दिलीपकुमार-किंजल राजूभाई ने नवकार धुन और गुरुभक्ति गीत प्रस्तुत किया,पू. श्री रम्या दीक्षा कुमारी महासती ने गुरु दर्शन का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया,प.पू. गुरुदेव श्री दिनेशचंद्रजी म.स. ने आत्मा को परमात्मा बनने के पांच कारणों पर चिंतन दिया,पू. श्री मुदिचंद्रजी म.स. पू. श्री विनेशचंद्रजी म.स. पू. श्री जितेंद्र मुनि म.स. उन्होंने एक इमोशनल स्पीच दी,श्री बाबूलालजी शाह ने धन्यवाद दिया,गुरुदेव श्री विसनगर के 21 साल बाद आने की खुशी में, स्थानकवासी संघ की तरफ से गुड की भेली और राहुलभाई शाह की तरफ से गुड की भेली और गुरुभक्त नितिनभाई पटेल की तरफ से ₹10 दिए गए
गुरुदेव श्री विसनगर के आने की खुशी में, श्रीनाकोडा मित्र मंडल की तरफ से सकलजैन संघ का स्वामीवात्सल्य का आयोजन किया गया
*पूज्य गुरुदेव श्री मंगलवार और बुधवार, 26 और 27 मई को विसनगर ही रुकने के भाव है। इस आयोजन में समाज के अनेक सदस्यों ने भाग लिया और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस आगमन से स्थानीय जैन समाज में उत्साह का माहौल बना हुआ है। आचार्यश्री छोटालालजी के अनुयायियों ने इस अवसर को विशेष रूप से मनाया और सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया।