पश्चिम बंगाल दूर करेगा देश में पेट्रोल-डीजल की कमी, ममता सरकार ने रोका था अशोकनगर में कच्चे तेल का उत्पादन
Ashoknagar Crude Oil Production Field: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच संभावित तेल संकट की आशंकाओं के दौरान पश्चिम बंगाल के अशोकनगर तेल क्षेत्र से राहत भरी खबर सामने आई है. कोलकाता के पास स्थित इस क्षेत्र में जल्द कच्चे तेल का उत्पादन शुरू हो सकता है. बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर अशोकनगर परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की मांग की. ONGC ने 2018 में यहां तेल और गैस भंडार खोजा था, जहां 240 मिलियन बैरल से अधिक तेल होने का अनुमान है. स्थानीय विवादों के कारण रुकी ड्रिलिंग अब दोबारा शुरू होने की उम्मीद है.
कोलकाता: ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते भारत भारी तेल संकट से जूझ रहा है. भारी तेल संकट के बीच पश्चिम बंगाल से एक अच्छी खबर सामने आती हुई दिख रही है. खबर है कि पश्चिम बंगाल के अशोकनगर क्षेत्र से कच्चा तेल निकाला जाएगा. कोलकाता से करीब 48 किलोमीटर दूर अशोकनगर इलाके में करीब आठ साल पहले पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस भंडार ढूंढा गया था. चर्चा है कि जल्द ही यहां से कच्चा तेल निकाले जाने का काम शुरू होगा.
तेल निकालने के लिए समिक भट्टाचार्य ने वित्त मंत्री से की बात
बताया जा रहा है कि बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की थी. इस दौरान बंगाल की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के तरीकों पर लंबी बातचीत हुई. इसी बातचीत में औद्योगीकरण और उत्तरी 24-परगना में स्थित अशोकनगर तेल क्षेत्र में उत्पादन शुरू करने के लिए तत्काल उठाए जाने वाले कदमों पर विशेष रूप से जोर दिया गया
अशोकनगर में कितना तेल का भंडार
कोलकाता के पास अशोकनगर तेल क्षेत्र में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस निष्कर्षण स्थल है. साल 2018 में ‘ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन’ (ONGC) की ओर से यह क्षेत्र ढूंढा गया था. पूर्वी भारत का यह पहला तेल और गैस उत्पादक क्षेत्र है. अनुमान है कि यहां 240 मिलियन बैरल से भी अधिक तेल का भंडार है.
इस तेल क्षेत्र के संबंध में भट्टाचार्य की यह अपील ऐसे समय में काफी महत्वपूर्ण है, जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण देश में ईंधन की आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनी हुई है. हालांकि, इस स्थल पर ड्रिलिंग का काम शुरू हो चुका था, लेकिन विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले स्थानीय विवादों के चलते इसे रोक दिया गया था. एक सूत्र ने बताया कि अब राज्य में बीजेपी सत्ता में आ चुकी है, इसलिए ONGC को अपना काम पूरा करने में किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए.
बंगाल के लिए हर संभव मदद करने को तैयार वित्तमंत्री
राज्यसभा सदस्य भट्टाचार्य ने कहा- ‘प्रधानमंत्री ने सोनार बांग्ला (सुनहरा बंगाल) बनाने की बात कही है. हमारे पास इसके लिए एक विजन और एक खास योजना है. वित्तमंत्री जानती हैं कि राज्य की आर्थिक रिकवरी की दिशा में कैसे रास्ता दिखाया जा सकता है, जहां उद्योग-धंधे लगभग खत्म हो चुके हैं.
सीतारमण के साथ भट्टाचार्य की मुलाकात इसलिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि गुरुवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ कई अन्य जानी-मानी हस्तियों से मुलाकात की थी, ताकि बंगाल से जुड़े कई मुद्दों और योजनाओं पर चर्चा की जा सके.
राज्य बीजेपी प्रमुख ने दावा किया कि केंद्र सरकार और उसके अलग-अलग विभागों के मिलकर किए गए प्रयासों से बंगाल एक बार फिर से चमकेगा.
उन्होंने कहा- ‘उनका (सीतारमण का) मानना है कि इन मुश्किल हालात से उबरना और बंगाल को उसकी मौजूदा बदहाली से बाहर निकालकर फिर से संवारना मुमकिन है. इसके लिए, वह जो भी जरूरी होगा, वह करेंगी. हम सब मिलकर प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, गृह मंत्री और हम सभी बिना किसी शक के बंगाल को एक अलग और बेहतर मुकाम पर पहुंचा सकते हैं.’
विधानसभा चुनावों से पहले, बीजेपी ने एक डबल-इंजन सरकार के प्रयासों के ज़रिए उद्योगों, नौकरियों और राज्य के समग्र विकास के साथ एक अलग बंगाल देने का वादा किया था. सत्ता में आने के बाद, BJP को यह समझ आ गया कि बंगाल का आर्थिक पुनरुद्धार तभी सुनिश्चित किया जा सकता है, जब केंद्र सरकार पूरी तरह से सहयोग दे.