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आयुर्वेद का प्रचार-प्रसार समय की आवश्यकता : सुमन शर्मा मनीमाजरा में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, 150 से अधिक लोगों

मनीमाजरा में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, 150 से अधिक लोगों ने उठाया लाभ

पंचकूला, 26 मई। मनीमाजरा स्थित गुरु रविदास गुरुद्वारा में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान पंचकूला द्वारा प्रयोग फाउंडेशन के सहयोग से निशुल्क चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 150 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर आयुर्वेदिक परामर्श एवं निशुल्क दवाइयों का लाभ उठाया।

शिविर का शुभारंभ चंडीगढ़ नगर निगम की डिप्टी मेयर सुमन अमित शर्मा ने किया। कार्यक्रम में हरियाणा नर्सिंग ऑफिसर वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष विनीता बांगड़ विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं, जबकि मुख्य चिकित्सक के तौर पर डॉ. रितेश उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रयोग फाउंडेशन के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने की।

शिविर में पहुंचने पर डिप्टी मेयर सुमन अमित शर्मा का स्वागत डॉ. अनुराग कुशल, डॉ. मानसी ग्रेवाल और डॉ. रितेश ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।

डिप्टी मेयर सुमन अमित शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में आयुर्वेद का प्रचार-प्रसार बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति में अनेक बीमारियों का प्रभावी उपचार मौजूद है और आयुर्वेदिक दवाइयों का शरीर पर दुष्प्रभाव भी नहीं होता। उन्होंने कहा कि लोगों का आयुर्वेद के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

विनीता बांगड़ ने कहा कि आयुष मंत्रालय द्वारा पंचकूला में राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद संस्थान की स्थापना आयुर्वेद चिकित्सा और उसके प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अब लोग प्राकृतिक उपचार पद्धति की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।

प्रयोग फाउंडेशन के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि संस्था वर्ष 2014 से सामाजिक और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कार्य कर रही है। संस्था पहले डेंटल हेल्थ कैंप आयोजित करती रही है और अब राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के सहयोग से स्वास्थ्य जांच शिविरों की मुहिम चलाई जा रही है।

डॉ. रितेश ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की शैली है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करने, तनाव कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजीव शर्मा, डीन प्रो. गुलाब चंद पमनानी और डीन इंचार्ज प्रो. सतीश गंधर्व के नेतृत्व में लगातार निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

डॉ. अनुराग कुशल ने पंचकर्म चिकित्सा पद्धति को आयुर्वेद की प्राचीन और प्रभावी प्रणाली बताते हुए कहा कि यह शरीर को अंदर से शुद्ध कर रोगों की जड़ पर कार्य करती है। वहीं डॉ. मानसी ग्रेवाल ने बताया कि उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव गर्ग के मार्गदर्शन में संस्थान में 12 अति विशिष्ट ओपीडी संचालित की जा रही हैं, जहां प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज उपचार का लाभ लेते हैं।

शिविर में पाचन संबंधी रोग, चमड़ी रोग, जोड़ों का दर्द, हड्डियों की समस्याएं, आंख, कान, नाक, शुगर, बीपी, बुखार, जुकाम और सर्वाइकल जैसी बीमारियों से संबंधित मरीज पहुंचे। चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद सभी को निशुल्क दवाइयां वितरित की गईं।

इस अवसर पर सीमा गुप्ता, नितेश महाजन, हरप्रीत सिंह रेखी, मेडिकल ऑफिसर भवकीर्ति, डॉ. श्रेया, फार्मासिस्ट अर्शदीप कौर, नर्सिंग स्टाफ हिमांशु और एमटीएस अंशुल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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