देश कर्जे पर देश के नेता अय्याशी पर
"देश बदल रहा है… लेकिन कर्ज़ का बोझ भी तेजी से बढ़ रहा है!"
भारत पर आज लाखों करोड़ का कर्ज़ है,
हर जन्म लेने वाला बच्चा भी कर्ज़ के हिस्से के साथ पैदा हो रहा है।
सरकार विकास के नाम पर उधार ले रही है,
लेकिन सवाल ये है —
क्या आम जनता की जिंदगी सच में बदल रही है?
महंगाई बढ़ रही, बेरोजगारी बढ़ रही,
और दूसरी तरफ देश का कर्ज़ लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है।
सड़कें बन रही हैं, बड़े-बड़े प्रोजेक्ट आ रहे हैं,
पर गरीब आदमी आज भी EMI, टैक्स और महंगाई में पिस रहा है।
अगर यही हाल रहा,
तो आने वाली पीढ़ियों को विकास नहीं,
बल्कि कर्ज़ की विरासत मिलेगी।
अब वक्त है सवाल पूछने का —
देश तरक्की कर रहा है या कर्ज़ में डूब रहा है?