रतनसार से डिग्री कॉलेज हटाने पर फूटा लोगों का गुस्सा, युवाओं ने कहा बच्चों के भविष्य के साथ हुआ खिलवाड़
छातापुर प्रखंड के रतनसार ग्वालपाड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किए जाने की खबर से इलाके में भारी आक्रोश और मायूसी का माहौल है। ग्वालपाड़ा, मोहम्मदगंज, सॉहठा, चेरने, चुन्नी और राजेश्वरी पंचायत के युवाओं, अभिभावकों एवं सामाजिक लोगों ने इसे क्षेत्र के बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय बताया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रतनसार ग्वालपाड़ा में डिग्री कॉलेज शुरू होना पूरे इलाके के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि थी। जून महीने से नामांकन और जुलाई से पढ़ाई शुरू होने वाली थी। विद्यालय की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। यूनिवर्सिटी स्तर पर रजिस्ट्रेशन हो चुका था, सरकार से अप्रूवल मिल चुका था और प्राचार्य महोदय भी विद्यालय का निरीक्षण कर संतोष जताकर आगे की तैयारी में जुट गए थे।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 3–4 महीनों से लगातार मेहनत, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात तथा संघर्ष के बाद यह सपना साकार होता दिख रहा था। लेकिन अंतिम समय में बिना किसी सूचना, निष्पक्ष जांच और जनता की राय लिए कॉलेज को दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया।
लोगों का आरोप है कि यह फैसला राजनीतिक दबाव और प्रभाव में लिया गया है, जिससे सबसे अधिक नुकसान गरीब, दलित, महादलित, अत्यंत पिछड़ा, पिछड़ा एवं सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं, खासकर बेटियों को होगा।
क्षेत्रवासियों ने माननीय मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जनभावना और छात्रहित को देखते हुए डिग्री कॉलेज को रतनसार ग्वालपाड़ा में ही संचालित किया जाए।
स्थानीय युवाओं ने सोशल मीडिया और जनआंदोलन के माध्यम से आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि यदि आज क्षेत्र के लोग एकजुट नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियां उन्हें कभी माफ नहीं