logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

सिंगरौली महोत्सव के कवि सम्मेलन में पसरा सन्नाटा, जनता के मुद्दे फिर हुए दरकिनार

सिंगरौली महोत्सव के कवि सम्मेलन में पसरा सन्नाटा, जनता के मुद्दे फिर हुए दरकिनार

सिंगरौली। करोड़ों रुपये खर्च कर आयोजित सिंगरौली महोत्सव का कवि सम्मेलन सवालों के घेरे में आ गया है। स्टेडियम में गिनती के लोग मौजूद रहे, जबकि ऑनलाइन प्रसारण के सहारे आयोजन को सफल दिखाने की कोशिश की गई। मौके पर मौजूद लोगों की मानें तो कार्यक्रम देखने वाले महज 35 के आसपास थे।

20 लाख की आबादी, दर्शक 100 भी नहीं
20 लाख से अधिक आबादी वाले जिले में एक बड़े सरकारी आयोजन में 100 लोग भी नहीं जुट पाए। करोड़ों के बजट के बाद भी जनता की दूरी ने आयोजन की प्रासंगिकता पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यक्रम स्थल पर खाली कुर्सियां और सोशल मीडिया पर लाइव व्यूज की कम संख्या चर्चा का विषय बनी रही।

असली मुद्दे कौन पूछेगा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिंगरौली की असली जरूरत महोत्सव नहीं है। जिले में सही विस्थापन, सड़क हादसों पर नियंत्रण, प्रदूषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, बिजली और पानी को लेकर हाहाकार मचा है। उद्योग लगने के 50 साल बाद भी गांव और शहर के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

CSR-DMF फंड के उपयोग पर सवाल
जनता के बीच यह मांग उठ रही है कि सरकार और जनप्रतिनिधि जमीनी हकीकत जानने के लिए लोगों के बीच जाएं। CSR और DMF फंड का उपयोग जनता की प्राथमिकता के हिसाब से किया जाए, न कि सिर्फ आयोजनों पर। लोगों का आरोप है कि सिंगरौली का पैसा बाहर ले जाया जा रहा है, जिससे स्थानीय औद्योगिक विकास भी प्रभावित हो रहा है।

मीडिया को नहीं मिला सवाल पूछने का मौका
कार्यक्रम में मीडिया को जनता के सवाल उठाने के लिए एक मिनट का समय तक नहीं दिया गया। इससे आयोजन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि जब जनता के मुद्दे ही नहीं उठेंगे तो ऐसे महोत्सव का औचित्य क्या है?

जनता में बन रही धारणा
कुल मिलाकर जनता के बीच यह धारणा मजबूत हो रही है कि ऐसे आयोजनों से सिंगरौली को कुछ हासिल नहीं हो रहा। लोगों का मानना है कि भ्रष्टाचार के चलते विकास की राशि सही जगह नहीं पहुंच रही। जरूरत इस बात की है कि सरकार पहले प्रदूषण, विस्थापन, सड़क हादसे और रोजगार जैसे मुद्दों को हल करे, फिर महोत्सव मनाए।

#SingrauliMahotsav #सिंगरौली_की_आवाज #DMF #CSR #भ्रष्टाचार #विस्थापन #प्रदूषण #रोजगार #सड़क_हादसे #जनता_के_मुद्दे

1
95 views

Comment