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सुसाइड या मर्डर? शरीर पर चोट के निशान और आखिरी कॉल की वो खौफनाक दास्तान; जानिए भोपाल के ट्विशा शर्मा मामले के सभी ताजा अपडेट्स

न्यायाधीश (Retired Judge) गिरिबाला सिंह की बहू और पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा (33) की संदिग्ध मौत के मामले ने देश भर में सनसनी फैला दी है। 12 मई 2026 को हुई इस घटना के बाद से यह मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है।
​इस हाई-प्रोफाइल मामले के नवीनतम विवरण और कानूनी घटनाक्रम पर एक विस्तृत रिपोर्ट नीचे दी जा रही है:
​मुख्य घटनाक्रम और ताज़ा अपडेट्स
​1. पूर्व जज गिरिबाला सिंह को 'फाइनल नोटिस' और जमानत निरस्त करने की तैयारी
​भोपाल पुलिस ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को बयान दर्ज कराने के लिए तीसरा और अंतिम नोटिस जारी किया है। इससे पहले दिए गए दो नोटिसों के दौरान वह अपने निवास पर नहीं मिलीं। भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार, यदि वह इस अंतिम नोटिस के बाद भी जांच में सहयोग नहीं करती हैं, तो पुलिस उनकी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) निरस्त कराने के लिए सत्र न्यायालय (Sessions Court) का दरवाजा खटखटाएगी।
​2. सरकारी पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू
​सेवानिवृत्ति के बाद गिरिबाला सिंह भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (District Consumer Commission) की अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थीं। मध्य प्रदेश शासन के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने राज्य उपभोक्ता आयोग के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर उपभोक्ता संरक्षण नियम 2020 की धारा 9(2) के तहत उनके खिलाफ तत्काल जांच शुरू कर दी है, ताकि उन्हें इस गंभीर आपराधिक मामले के चलते पद से हटाया जा सके।
​3. पति समर्थ सिंह अब भी फरार, ₹30,000 का इनाम
​ट्विशा के पति और पेशे से वकील समर्थ सिंह घटना के बाद से लगातार फरार हैं। पुलिस ने उनकी तलाश में मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में कई टीमें भेजी हैं। समर्थ पर पुलिस ने ₹30,000 का नकद इनाम घोषित किया है और उनके पासपोर्ट को भी ब्लॉक/जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
​4. हाईकोर्ट में पहुंचा मामला (CBI जांच की मांग)
​ट्विशा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य पीठ (जबलपुर) में याचिका दायर कर गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को चुनौती दी है। याचिका में भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 की धारा 118 (विवाह के 7 वर्ष के भीतर संदिग्ध मृत्यु और दहेज उत्पीड़न के मामलों में न्यायालय द्वारा अपराध की पूर्वधारणा) का हवाला दिया गया है।
​CBI जांच का प्रस्ताव: मामले की गंभीरता और राजनीतिक/न्यायिक रसूख को देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि राज्य सरकार इस मामले की जांच CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) को सौंपने की सिफारिश कर रही है।

​क्या है पूरा मामला? (पृष्ठभूमि)
​विवाह और विवाद: नोएडा की रहने वाली पूर्व मॉडल और कॉर्पोरेट एक्सपर्ट ट्विशा शर्मा की मुलाकात भोपाल के वकील समर्थ सिंह (पूर्व जज गिरिबाला सिंह के बेटे) से एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। दोनों ने दिसंबर 2025 में शादी की थी।
​दहेज और प्रताड़ना के आरोप: ट्विशा के भाई (भारतीय सेना में मेजर हर्षित शर्मा) और माता-पिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को ₹20 लाख के शेयर्स और प्रॉपर्टी पति के नाम ट्रांसफर करने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। इसके अलावा, ट्विशा को उनकी मर्जी के खिलाफ गर्भपात (Abortion) कराने के लिए भी मजबूर किया गया।
​आखिरी कॉल और व्हाट्सएप चैट्स: मौत वाली रात (12 मई) को 10:05 बजे ट्विशा ने अपनी मां को फोन कर रोते हुए अपनी प्रताड़ना बताई थी, लेकिन पति के कमरे में आते ही फोन कट गया। ट्विशा की कुछ चैट्स भी सामने आई हैं जिसमें उन्होंने लिखा था— "मम्मी, मेरा जीवन नरक हो गया है, मेरा दम घुट रहा है।"
​सुसाइड या मर्डर? (फॉरेंसिक और पुलिस की थ्योरी)
​भोपाल पुलिस कमिश्नर के अनुसार, शुरुआती जांच और AIIMS भोपाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट फांसी लगाने (Hanging) के कारण दम घुटने से मौत की ओर इशारा करती है। हालांकि, मामले में पेंच तब फंसा जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ट्विशा के शरीर पर चोटों के कई निशान (Antemortem Injuries) थे, जो किसी कुंद वस्तु (Blunt Force) के प्रहार से बने थे।
​इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से छेड़छाड़ का आरोप
​ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना के अगले दिन पूर्व जज ने न्यायपालिका से जुड़े कई लोगों और सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉल करने वाली फर्म को कॉल किए थे, जो सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। वहीं, दूसरी तरफ आरोपी पक्ष (गिरिबाला सिंह) ने भी कोर्ट में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि पुलिस ने घर के सीसीटीवी का DVR सही से जब्त नहीं किया और उसके टाइमस्टैम्प में 2 दिन और 2 घंटे का अंतर है।
​दर्ज की गई धाराएं
​भोपाल की कटारा हिल्स पुलिस ने इस मामले में समर्थ सिंह और पूर्व जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है:
​धारा 80(2): दहेज मृत्यु (Dowry Death)
​धारा 85: महिला के प्रति क्रूरता और प्रताड़ना
​धारा 3(5): सामान्य आशय की मंशा से किया गया कृत्य
​इसके साथ ही दहेज प्रतिषेध अधिनियम (Dowry Prohibition Act) की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

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