logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

नवजात बच्ची की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत असाधारण सर्जरी कर बचाई कीमती जान - डॉ. बलबीर सिंह*

*राजिंदरा अस्पताल के डॉक्टरों ने दुर्लभ जन्मजात विकार वाली नवजात बच्ची की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत असाधारण सर्जरी कर बचाई कीमती जान - डॉ. बलबीर सिंह*
*- पंजाब की स्वास्थ्य क्रांति ने बेहतर इलाज सुविधाओं को गरीबों के घरों तक पहुंचाया - स्वास्थ्य मंत्री*

*पटियाला, 22 मई 2026, विकी हरिंदर पाल :* एक शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए सरकारी राजिंदरा अस्पताल, पटियाला के बाल सर्जरी विभाग ने एक गंभीर जन्मजात विकार के साथ पैदा हुई *एक दिन की नवजात बच्ची की सफलतापूर्वक जान बचाई है*। यह जानकारी देते हुए पंजाब के मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री *डॉ. बलबीर सिंह* ने बताया कि इस बच्ची का *सारा इलाज मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत मुफ्त* किया गया है।



*स्वास्थ्य मंत्री ने कहा - स्वास्थ्य क्रांति का असर*

यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि *मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान* के नेतृत्व में पंजाब में आई *स्वास्थ्य क्रांति* से राज्य के सरकारी अस्पताल लोगों को उनके घरों के पास ही *मुफ्त और निजी अस्पतालों के मुकाबले बेहतर इलाज* प्रदान कर रहे हैं।

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि यह सफल सर्जरी राजिंदरा अस्पताल में जटिल नवजात सर्जिकल इमरजेंसी हालात संभालने के लिए *पंजाब सरकार द्वारा बनाई गई बहु-अनुशासनात्मक टीम* की विशेषज्ञता और समर्पण को उजागर करती है।


*केस डिटेल: क्या था मामला*

*1. जन्म:* 20 अप्रैल 2026 की रात को बड़े ऑपरेशन से *2 किलो 100 ग्राम की बच्ची* का जन्म हुआ। माता-पिता *करन कुमार व नेहा*, राजपुरा शहर के रहने वाले हैं। मोबाइल रिपेयर का काम करने वाले करन कुमार के *दो बच्चों की पहले भी गर्भ दौरान मौत हो चुकी है* और इस बच्चे का जन्म उनके लिए बहुत ज्यादा महत्व रखता था।

*2. समस्या:* जन्म के बाद डॉक्टरों ने पाया कि बच्ची के शरीर में *खाने वाली नली (Esophagus) का एक लंबा हिस्सा बना ही नहीं था*। इस कारण बच्ची दूध और लार अंदर नहीं निगल सकती थी। इससे उसे *छाती में निमोनिया और जान का भी खतरा* था।
बाल सर्जरी विभाग के *डॉ. रवि गर्ग* व उनकी टीम सदस्य *डॉ. तेग रबाब सिंह, सुकृत सिंह* समेत एनेस्थीसिया के मुखी *डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. त्रिप्त कौर बिंद्रा व डॉ. सुमीत सोनी* आधारित टीम ने इस बच्ची की सफल सर्जरी की।

*डॉ. रवि गर्ग* ने बच्ची का ऑपरेशन करके:
1. भोजन नली का एक हिस्सा *गले में खोला* ताकि लार वहां से निकल सके
2. एक नली *पेट में डाली गई* जिसमें बच्चे को दूध दिया जा सके

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह *जन्मजात दोष भारत में 1/4500 नवजात बच्चों* में होता है और भारत में इस तरह के *सिर्फ 40% बच्चे ही बच पाते हैं*।

*राजिंदरा अस्पताल में कई सालों बाद पहली बार* इस तरह के विरले दोष का ऑपरेशन करके इलाज किया गया है, जिसका श्रेय *मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और अस्पताल के डॉक्टरों* को जाता है।

*26 दिन NICU में रही, 15 लाख का इलाज मुफ्त हुआ*

डॉ. बलबीर सिंह ने आगे बताया कि ऑपरेशन के बाद यह बच्ची *26 दिन NICU सुविधा ICU में भर्ती रही*।

उन्होंने कहा कि ऐसा ऑपरेशन पटियाला के अलावा *सरकारी मेडिकल कॉलेज फरीदकोट* में ही किया जाता है। जबकि प्राइवेट सेक्टर में इस ऑपरेशन समेत इतने दिन NICU में दाखिल होने का खर्चा कम से कम 12 से 15 लाख रुपये होता है, लेकिन इस बच्ची का यह ऑपरेशन पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत बिल्कुल मुफ्त किया गया है।

बच्ची के माता-पिता ने आंसू भरी आंखों से पंजाब सरकार, स्वास्थ्य मंत्री और डॉक्टरों का धन्यवाद किया है। इस मौके पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विशाल चोपड़ा, ईएनटी विभाग के प्रमुख डॉ. भगत व अन्य डॉक्टर मौजूद थे।

4
265 views

Comment