आसान रहा प्रश्नपत्र... कंप्यूटर के प्रश्नों ने उलझाया
शाहजहांपुर। लेखपाल परीक्षा 2026 बृहस्पतिवार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। जिले के 13 केंद्रों पर आए छात्र-छात्राओं को प्रश्नों ने उलझा दिया। कंप्यूटर और विज्ञान से जुड़े प्रश्न थोड़े कठिन रहे। हालांकि हिंदी के आसान प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को थोड़ी राहत दी। सामान्य ज्ञान और इतिहास के प्रश्न भी अपेक्षाकृत सरल थे। इस दौरान 1099 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे।
बृहस्पतिवार को सुबह दस बजे से परीक्षा प्रारंभ हुई। कई जिलों से आए अभ्यर्थी सुबह ही केंद्राें के बाहर पहुंच गए। कुछ लोग अपने निजी वाहनों से आए तो तमाम छात्र ट्रेन के जरिये पहुंचे। केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों को अपना रोल नंबर तलाश करने में दुश्वारी आई।
दस बजे से आर्य महिला इंटर कॉलेज, आर्य महिला डिग्री कॉलेज, देवी प्रसाद कॉलेज, जीएफ कॉलेज, जीआईसी, एबी रिच कॉलेज समेत 13 केंद्रों पर सीसी कैमरों की निगरानी में परीक्षा कराई गई। पंजीकृत 5424 में 4325 परीक्षार्थी ही शामिल हुए। 1099 गैरहाजिर रहे। परीक्षा के दौरान कई प्रश्नों को देखकर छात्र-छात्राओं को पसीना आ गया।
खासतौर पर कंप्यूटर और सरकारी योजनाओं के प्रश्न थोड़े उलझाने वाले रहे। एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा समेत अन्य अधिकारियों ने केंद्रों का भ्रमण कर जायजा लिया।
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कई प्रश्न काफी कठिन थे। परीक्षा छूटने के बाद बैग लेने के लिए धूप में खड़ा कर दिया गया। यहां पर छाया तक का इंतजाम नहीं था। 400 किमी दूर जाना है। एक घंटे से इंतजार कर रहे हैं।
- हर्षित शुक्ला
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कुछ प्रश्न तो ठीक थे, लेकिन कई फंसाने वाले थे। उन्हें सीधे तरीके से नहीं पूछा गया था। प्रश्नपत्र को मध्यम स्तर का कह सकते हैं। पेपर खत्म होने के बाद अब ट्रेन से घर जाएंगे।
- आलोक यादव
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सामान्य ज्ञान के साथ ही कंप्यूटर पर आधारित प्रश्न पूछे गए। कंप्यूटर के प्रश्न काफी कठिन लगे। जिन्होंने लंबे समय से तैयारी की होगी, उनका पेपर काफी बेहतर हुआ होगा।
- जितेंद्र कुमार
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कुछ प्रश्न काफी ज्यादा कठिन थे। कंप्यूटर के सवालों ने छात्र-छात्राओं को परेशान किया। माॅडल पेपर ओर प्रश्नपत्र के सवाल में काफी भिन्नता थी।
-राजनारायण
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रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़, सुरक्षा कर्मी रहे सतर्क
परीक्षा समाप्त होने के बाद रेलवे स्टेशन पर अभ्यर्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, अभ्यर्थियों के पहुंचने से पहले ही त्रिवेणी एक्सप्रेस तय समय से पहले आ गई। अभ्यर्थी पहुंचे तो हरदोई, लखनऊ रूट वाले सवार हो गए। इस ट्रेन के बाद राज्यरानी एक्सप्रेस से काफी अभ्यर्थी निकल गए। इस बीच आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे के अफसर सतर्क रहे।