अजमेर के बड़ली में चरागाह भूमि पर अवैध खनन, गहरे गड्ढों से मवेशियों पर मंडराया संकट
संवाददाता, सोहन लाल साहू बड़ली (अजमेर)अजमेर जिले के बड़ली गांव में चरागाह (गोचर) भूमि पर हो रहे अवैध खनन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरी चिंता और परेशानी का माहौल है। गांव के मवेशियों के चरने के लिए आरक्षित इस सरकारी भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा लगातार अवैध खुदाई की जा रही है, जिससे हरी-भरी गोचर भूमि मलबे के ढेरों और गहरे जानलेवा गड्ढों में तब्दील होती जा रही है।🛑 गहरे गड्ढों से मवेशियों को खतरा चरागाह भूमि पर बिना किसी अनुमति के की जा रही खुदाई के कारण जगह-जगह सैकड़ों फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में पानी भरने से यहाँ चरने आने वाले गाय, भैंस और अन्य मवेशियों के गिरने व चोटिल होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। घास के मैदान नष्ट होने से पशुपालकों के सामने अपने मवेशियों को चराने का संकट भी खड़ा होने लगा है।📋 प्रशासन तक बात पहुँचाने की तैयारी में ग्रामीण मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, बड़ली के ग्रामीण अब इस पूरे घटनाक्रम से प्रशासन को अवगत कराने की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी तरह कानूनी तरीके से अपनी बात रखेंगे।ग्रामीण जल्द ही एकत्र होकर इस अवैध खनन की लिखित शिकायत और मौके की तस्वीरें तैयार करेंगे।इस शिकायत पत्र को अजमेर जिला कलेक्टर, स्थानीय उपखंड अधिकारी (SDO) और खनिज विभाग के अधिकारियों को सौंपा जाएगा।ग्रामीणों को पूरा भरोसा है कि चरागाह भूमि के महत्व को देखते हुए प्रशासन उनकी बात सुनेगा और तुरंत इस अवैध गतिविधि पर रोक लगाएगा।⚖️ चरागाह भूमि पर खनन पूरी तरह गैर-कानूनी कानूनी नियमों के अनुसार, गोचर या चरागाह भूमि पर किसी भी प्रकार का व्यावसायिक उत्खनन या अवैध कब्जा पूरी तरह प्रतिबंधित है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तुरंत मौके का निरीक्षण कर इस सरकारी भूमि को माफियाओं से मुक्त कराए ताकि गांव का पर्यावरण और मवेशियों का आशियाना सुरक्षित रह सके।