logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

संघे शक्ति कलियुगे अर्थात् कलियुग में संगठन ही सबसे बड़ी शक्ति है। इस विचार को यदि किसी संस्था ने वास्तविक रूप देकर समाज के सामने प्रस्तुत किया है, तो

“संघे शक्ति कलियुगे” — अर्थात् कलियुग में संगठन ही सबसे बड़ी शक्ति है। इस विचार को यदि किसी संस्था ने वास्तविक रूप देकर समाज के सामने प्रस्तुत किया है, तो वह है श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़। महिलाओं की सामूहिक शक्ति, आत्मविश्वास और पारस्परिक सहयोग से खड़ा हुआ यह संगठन आज आत्मनिर्भरता, श्रमसम्मान और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायी उदाहरण बन चुका है।
गृह एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को वास्तविक मजबूती प्रदान की जा सकती है। “डिस्ट्रिब्यूटेड प्रोडक्शन” का यह मॉडल न केवल रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम है, बल्कि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक कौशल और श्रम को सम्मान देने का भी सशक्त तरीका है। इससे महिलाएँ अपने घर और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त बनती हैं।
आज आवश्यकता है कि इस सफल मॉडल को देश के अन्य क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से लागू किया जाए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा जा सके। सामूहिक प्रयास, स्थानीय उत्पादन और महिला नेतृत्व पर आधारित ऐसी पहलें ही समावेशी एवं सशक्त भारत की मजबूत नींव तैयार करेंगी।

1
46 views

Comment