झारखंड कांग्रेस ने सरना धर्म कोड और मतदाता सूची पर केंद्र सरकार पर हमला किया
रांची: झारखंड कांग्रेस ने जनगणना में सरना धर्म कोड लागू करने की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि देशभर में एक करोड़ से अधिक आदिवासी सरना धर्म को मानते हैं, लेकिन अभी तक जनगणना में इसके लिए अलग कॉलम या कोड की व्यवस्था नहीं की गई है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आदिवासी समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मान्यता देने से बच रही है।
प्रेस वार्ता में नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि देशभर में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। जून से झारखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान शुरू होगा, और कांग्रेस ने बूथ स्तर तक संगठन सक्रिय कर दिया है ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम हटाया न जाए। कांग्रेस ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी सवाल उठाए। साथ ही नीट पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।