726 करोड़ की सड़क, 140 करोड़ से अधिक शुल्क वसूली, फिर भी गायब सुरक्षा पट्टियां
सूचना के अधिकार में खुलासा : राष्ट्रीय राजमार्ग-709बी पर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न।
बागपत। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग-709बी पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी में खुलासा हुआ है कि बागपत से शामली परिहार मार्ग तक बने राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग 726 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि दूसरी ओर मार्ग शुल्क केंद्र से अब तक 140 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली भी हो चुकी है। इसके बावजूद मार्ग विभाजकों पर लगाए जाने वाले एंटी-ग्लेयर सुरक्षा पट्ट अधिकांश स्थानों से गायब बताए जा रहे हैं।
यह जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता नौशाद अली द्वारा लगाए गए सूचना के अधिकार आवेदन में सामने आई है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण National Highways Authority of India की परियोजना क्रियान्वयन इकाई, बागपत द्वारा दिए गए उत्तर में बताया गया कि मार्ग विभाजकों के बीच लगाए गए प्लास्टिक अथवा पीवीसी आधारित एंटी-ग्लेयर पट्टों की अलग से कोई लागत निर्धारित नहीं की गई है। विभाग ने कहा कि यह परियोजना अभियांत्रिकी, क्रय एवं निर्माण प्रणाली के अंतर्गत बनाई गई है, इसलिए इस मद का पृथक विवरण उपलब्ध नहीं है।
सूचना के अधिकार आवेदन में यह भी पूछा गया था कि राजमार्ग पर पहले लगाए गए एंटी-ग्लेयर पट्ट अब अधिकांश स्थानों पर क्यों नहीं दिखाई दे रहे हैं। आवेदन में कहा गया कि इन सुरक्षा पट्टियों के अभाव में रात्रि के समय विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी सीधे वाहन चालकों की आंखों पर पड़ती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। इस महत्वपूर्ण प्रश्न पर विभाग ने केवल “लागू नहीं” लिखकर जवाब दिया।
सूचना के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग-709बी के प्रथम चरण पर लगभग 726.33 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं, जबकि दूसरे चरण का निर्माण कार्य अंतिम अवस्था में है। वहीं मार्ग शुल्क केंद्र से फरवरी 2026 तक लगभग 140.61 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होने की जानकारी भी विभाग द्वारा दी गई है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब जनता से करोड़ों रुपये मार्ग शुल्क के रूप में वसूले जा रहे हैं, तब सड़क सुरक्षा से जुड़े मूलभूत प्रबंधों की अनदेखी बेहद चिंताजनक है। उनका कहना है कि मार्ग विभाजकों पर प्रभावी एंटी-ग्लेयर सुरक्षा पट्टियां, परावर्तक संकेतक तथा रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था तत्काल पुनः स्थापित की जानी चाहिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।