logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

नीट पेपर लीक मामला: लातूर के कोचिंग संचालक को 10 दिन पहले ही मिल गया था पेपर, CBI ने किया गिरफ्तार

​नई दिल्ली/लातूर:
नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर से 'रेनुकाई करियर सेंटर' नाम के कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आरोपी को 9 दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है।
​मुख्य बिंदु:
​10 दिन पहले मिला पेपर: सीबीआई के मुताबिक, आरोपी शिवराज को 3 मई को होने वाली परीक्षा का केमिस्ट्री का पेपर और उसके जवाब 10 दिन पहले यानी 23 अप्रैल को ही मिल गए थे।
​छात्रों को रटवाए सवाल: आरोपी ने कोचिंग के छात्रों को 'स्पेशल सेशन' में बुलाकर लीक हुए सवालों को याद करवाया था। साथ ही पेपर की हस्तलिखित कॉपियां भी कई लोगों तक पहुंचाईं।
​CBI करेगी बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश: सीबीआई का कहना है कि मोटेगांवकर एक बहुत बड़े नेटवर्क का सदस्य है। लीक पेपर किन-किन लोगों को दिया गया, इसकी सघन जांच के लिए सीबीआई आरोपी को पुणे सहित महाराष्ट्र के अन्य शहरों में ले जा सकती है।
​बायोलॉजी लेक्चरर निलंबित: इस मामले के तार जुड़ने के बाद पुणे के मॉडर्न कॉलेज ने गिरफ्तार बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा मांदरे को निलंबित कर दिया है, जो पिछले 24 साल से छात्रों को पढ़ा रही थीं।
​संसदीय समिति ने एनटीए प्रमुख को किया तलब
​इस बीच, मामले की गंभीरता को देखते हुए संसदीय समिति ने एनटीए (NTA) चेयरपर्सन प्रदीप जोशी और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को तलब किया है। वहीं दूसरी ओर, राजद सांसद सुधाकर सिंह व अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर नीट-यूजी परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने की मांग की है।

0
0 views

Comment