द्वारीखाल में बीडीसी की प्रथम बैठक सम्पन्न, विकास कार्यों में तेजी व समन्वय पर जोर
द्वारीखाल (पौड़ी गढ़वाल), 19 मई।
विकास खण्ड द्वारीखाल में वित्त वर्ष 2026-27 की प्रथम क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) बैठक का आयोजन प्रथम सीडीएस विपिन रावत सभागार में सम्पन्न हुआ। ब्लॉक प्रमुख बीना राणा के स्वास्थ्य कारणों से अनुपस्थित रहने पर बैठक की अध्यक्षता ज्येष्ठ प्रमुख नीलम देवी द्वारा की गई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी अशोक जोशी उपस्थित रहे।
बैठक में ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया। बैठक का संचालन ग्राम विकास अधिकारी सतीश चंद्र शर्मा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत ईडीओ पंचायत कृष्णपाल सैनी द्वारा पिछली बैठक के प्रस्तावों को पढ़कर सुनाने से हुई, जिसके बाद उनकी प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की। शिक्षा विभाग की ओर से खण्ड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह नेगी, समाज कल्याण विभाग से मोहन सिंह तथा पशुपालन विभाग से मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी विशाल शर्मा ने विभागीय कार्यों का विवरण दिया। वहीं युवा कल्याण विभाग के सामने द्वारीखाल एवं खरीक में मिनी स्टेडियम निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया।
बैठक में ग्राम प्रधानों एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं एवं विकास से जुड़े प्रस्ताव प्रमुखता से रखे। कुल 81 प्रस्ताव प्राप्त हुए।
पूर्व प्रमुख एवं वर्तमान जिला पंचायत सदस्य महेन्द्र सिंह राणा ने अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच मजबूत समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों की समस्याओं को गंभीरता से उठाने और उनके समाधान हेतु निरंतर प्रयास करने की अपील की। साथ ही उन्होंने विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
खण्ड विकास अधिकारी जयकृत सिंह बिष्ट ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा सभी कार्यों को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूर्ण किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे क्षेत्रीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी अपेक्षा की कि वे विकास कार्यों की निगरानी में सक्रिय भूमिका निभाएं, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे।
बैठक में कनिष्ठ प्रमुख कौशल्या देवी,परियोजना निदेशक पौड़ी विवेक उपाध्याय, विधायक प्रतिनिधि चौबट्टाखाल दिगम्बर सिंह, विधायक प्रतिनिधि यमकेश्वर जयपाल सिंह, जिला पंचायत सदस्य सुराड़ी अर्जुन सिंह नेगी तथा उपजिलाधिकारी लैंसडौन शालिनी मौर्य सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बैठक में क्षेत्र के समग्र विकास, पारदर्शिता और जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।