रघुनाथ महतो प्रतिमा को लेकर भूमिज समाज ने राज्यपाल के समक्ष आपत्ति जताई
रांची: रघुनाथ महतो की प्रतिमा को लोकभवन में स्थापित करने के मुद्दे पर झारखंड में सियासत फिर गरमाई है। मंगलवार को आदिवासी भूमिज मुंडा चुआड़ सेना, झारखंड के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर इस विषय में समाज की आपत्ति और भावनाओं को व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने इतिहासकार डॉ. जगदीश चंद्र झा की पुस्तक "भूमिज रिवॉल्ट" राज्यपाल को भेंट की और कहा कि भूमिज समाज रघुनाथ महतो को चुआड़ विद्रोह का महानायक नहीं मानता।
मानिक सिंह सरदार ने बताया कि पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो द्वारा राज्यपाल को प्रतिमा भेंट करना और लोकभवन में माल्यार्पण करना समाज के एक वर्ग की भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में सार्वजनिक स्तर पर आधिकारिक पहल विवाद बढ़ा सकती है। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि राज्यपाल ने मौखिक आश्वासन दिया है कि प्रतिमा स्थापना को लेकर कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। संगठन ने अदालत के अंतिम फैसले तक प्रतिमा को लेकर सरकारी मान्यता या सम्मान की प्रक्रिया न बढ़ाने की मांग की और लोकभवन की तटस्थता बनाए रखने का आग्रह किया।