*वन विकास निगम में बड़ा खेल? हरे-भरे पेड़ों की कटाई, भूमि कब्जा और अवैध रेत उत्खनन के गंभीर आरोप*!
उमरिया। जिले में वन संपदा की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों पर ही अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वन विकास निगम में पदस्थ संभागीय प्रबंधक अमित पटौदी एवं रेंजर अनिल सिंह व डिप्टी रेंजर राकेश कुमार तिवारी पर आरोप है कि उनके संरक्षण में उमरिया नगर क्षेत्र स्थित वन विकास निगम की भूमि पर हरे-भरे पेड़ों की कटाई कराकर अवैध कब्जा करवाया जा रहा है।
*हरे- भरे जंगलों पर चल रही कुल्हाड़ी*
सूत्रों के अनुसार, वन विकास निगम की बहुमूल्य भूमि पर पहले हरे-भरे पेड़ों को कटवाया जाता है, फिर उस जमीन पर कब्जा करवाने का खेल शुरू होता है। इससे न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि शासन को भी लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है।
*बडेरी-बिलाईकाप तखतपुर, चिरवाह क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का आरोप*
मामला यहीं तक सीमित नहीं है। आरोप है कि वन विकास निगम क्षेत्र बडेरी-बिलाईकाप, तखतपुर चिरवाह से बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से रेत निकलवाई जा रही है, जिससे सरकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
* *‘चंदन’ नामक व्यक्ति के जरिए संचालित पूरा नेटवर्क*?
स्थानीय सूत्र बताते हैं कि यह पूरा कथित अवैध कार्य चंदन नामक व्यक्ति के माध्यम से कराया जा रहा है, जो इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है। क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब संभव हो रहा है।
*जांच हुई तो खुल सकते हैं कई बड़े राज*
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वन भूमि पर कब्जा, अवैध कटाई और रेत उत्खनन के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
❓ सबसे बड़ा सवाल
जब जंगल और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने वाले विभाग के भीतर ही ऐसे आरोप लग रहे हों, तो सवाल उठता है—
क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या मामला फाइलों में दब जाएगा?
"जंगल बचेंगे तभी भविष्य बचेगा, इसलिए ऐसे मामलों पर तत्काल कठोर कार्रवाई जरूरी है।" 🌿